यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bilaspur News: 50 सहायक शिक्षक एलबी की पदस्थापना गलत, डीपीआइ ने जेडी से मांगा जवाब
Bilaspur News: संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की दी चेतावनी
By Manoj Kumar TiwariEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 11 Aug 2023 01:00:01 PM (IST)Updated Date: Fri, 11 Aug 2023 01:00:01 PM (IST)

बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जांजगीर-चांपा जिले के स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति व पोस्टिंग के दौरान 50 सहायक शिक्षक एलबी की पदस्थापना गलत तरीके से हुआ है। इसकी शिकायत लोक शिक्षण संचालनालय में हुई।
गुरुवार को डीपीआई बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जांजगीर-चांपा द्वारा सहायक शिक्षक एलबी से प्रधान पाठक प्राथमिक शाला पदोन्नति पदस्थापना के पश्चात स्थान संशोधन करने के विरुद्ध शिकायत को अपने जांच प्रतिवेदन में संयुक्त संचालक द्वारा प्रमाणित पाते हुए अभिमत दिया गया है कि पदोन्नति पश्चात 50 सहायक शिक्षकों एलबी की पदस्थापना अनियमित तरीके से की गई है।
इसमें से कुल 16 शिक्षकों का ग्रामीण क्षेत्रों की संस्थाओं से संशोधन के बाद शहरी संस्थाओं में पदांकन किया गया है। राशि लेकर पहले जारी आदेश में संशोधन कर प्रधान पाठक के पद 2- 3 माह बाद रिक्त होने होने पर पदांकन किया है, जो कि नियम विरुद्ध है। शिकायत है कि इस गड़बड़ी में जिला शिक्षा अधिकारी भी शामिल हैं।
स्थापना खंड प्रभारी ताराचंद पांडेय, सहायक ग्रेड-02 खुलेआम दुकान खोलकर पैसे की मांग करता रहा और पैसा पाने के पश्चात ही स्थान संशोधन के लिए नस्ती प्रस्तुत करता था। ताराचंद पांडेय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का ही कर्मचारी है। जिला शिक्षा अधिकारी उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं करेंगे।
पदस्थापना स्थान संशोधन में पांडेय दोषी हैं। बाक्स- तीन दिन के भीतर मांगा जवाब डीपीआइ ने पदस्थापना संशोधन के संबंध में अपना स्पष्टीकरण अपने कथन को प्रमाणित करने वाले कार्यालयीन प्रमाणित नस्ती, दस्तावेज़, पत्राचार आदि सहित तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष अनिवार्य रुप से करने के लिए कहा है। नियत समायावधि में प्रतिवाद प्राप्त नहीं होने या समाधानकारक नहीं प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं होने पर एकतरफा कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।