
बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। दिवाली पर्व के लिए अस्थाई पटाखा बाजार बुधवार को पुलिस मैदान में शुरू हो गया। बाजार लगते ही स्वदेशी पटाखों की धूम नजर आई। लोगों के साथ ही दुकानदारों ने भी चाइनीज पटाखों से तौबा कर लिया है। दरअसल चाइनीज पटाखों का देशी विकल्प तैयार कर लिए गए हैं। खासतौर से स्वेदशी देशी फैंसी पटाखों की धूम है। ऐसे में इस बार पूरे बाजार में स्वदेशी पटाखे नजर आ रहे हैं। इसके अलावा इको फ्रेंडली ग्रीन पटाखे भी नजर आ रहे हैं।
पटाखा बाजार में हमेशा से चाइना के पटाखों का दबदबा रहा है। अब चाइनीज सामान के बहिष्कार का असर पटाखा बाजार में पड़ा है। बुधवार को स्थानीय पुलिस मैदान में शुरू हुए पटाखा बाजार में इसका असर देखने को भी मिल गया है। बाजार में चाइनीज पटाखें नजर ही नहीं आ रहे हैं। साफ है कि इस बार दिवाली में स्वदेशी पटाखों का धूम रहेगी। बाजार में इस बार पारंपरिक पटाखों में अनार, चक्री, फुलझड़ी, चुटपुट, लाइट, बम आदि पटाखों की नई श्र्ाृंखला उतारी गई है। इन्हें कुछ ज्यादा ही फैंसी बनाया गया है। छोटी चक्री, बड़ी चक्री, अनार जलाने में इस बार बच्चों को काफी मजा आएगा। बुधवार को बाजार के पहले दिन ही पटाखे खरीदने के लिए लोग पहुंचने लगे हैं। हालांकि अभी तक सभी दुकान नहीं लगी हैं। गुस्र्वार तक सभी 68 दुकानें लगने की संभावना है।
ऐसे हुआ पटाखा बाजार का स्वदेशीकरण
सालों से पटाखा बाजार में चाइना का पटाखों का कब्जा रहा है, इसकी वजह यह है कि चाइना से बाजार में रंगबिरंगे फैंसी पटाखों के साथ लगभग हर तरह के पटाखों की नई श्रृंखला बाजार में उतारी गई, जिसका कोई विकल्प नहीं मिल पा रहा था। लेकिन अब शिवाकाशी में पटाखा बनाने वाले उद्योग भी चाइना पटाखा का विकल्प तलाशते हुए बिल्कुल उसी तरह के पटाखा बाजार में उतार चुके हैं। इसका प्रत्यक्ष असर यह पड़ा कि महज कुछ ही समय में पटाखा बाजार से चाइनीज पटाखे गायब हो गए और पटाखा बाजार का पूरी तरह से स्वदेशीकरण हो गया है।
21 से उमड़ेगी भीड़
जिला अस्थाई पटाखा संघ के अध्यक्ष सुनील बाजपेई ने बताया कि बाजार के पहले दिन आधे दुकान ही पूरी तरह से खुल पाई हैं। शेष दुकानें 20 अक्टूबर को खुलेंगी। पहला दिन होने के बाद भी बाजार ठीक-ठाक रहा है। आने वाले 21 अक्टूबर से बाजार में भीड़ उमड़ने लगेगी।