
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। संकष्टी चतुर्थी पर भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा में भक्त दिनभर लीन रहे। सुबह से मंदिरों में दर्शन के लिए तांता लगा रहा। बप्पा को प्रसन्न करने भक्तों ने मोदक सहित एक से बढ़कर एक भोग अर्पित किए। व्रतियों ने घरों में भी पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
रेलवे कंस्ट्रक्शन कालोनी स्थित श्री सुमुख गणेश मंदिर और रतनपुर स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर में सुबह से शंख और वेद मंत्र सुनाई देने लगे थे। घंटी की धुन से पूरा वातावरण खुशनुमा हो गया था। रेलवे कालोनी दक्षिण भारतीय शैली से ब्रम्हमुहूर्त में ही पूजा शुरू हो गई थी।
मंदिर के सेवक कृष्ण कुमार ने बताया कि पूजा के साथ भक्तों को भोग प्रसाद का वितरण भी किया गया। शाम को संगीतमयी महाआरती की गई। वहीं रतनपुर स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर में दिनभर चहलपहल रही। भक्तों ने बप्पा को प्रसन्न करने हरसंभव प्रयास किया। सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए भक्तों ने सुबह स्नान के बाद भगवान गणेश की पूजा आरंभ की। धूप-दीप जलाकर फूल अर्पित करते हुए मंत्रों का जाप किया। भोग के रूप में गणेश जी को मोदक व मोतीचूर के लड्डू अर्पित किए गए। आरती के बाद व्रतियों ने व्रत का पारण किया।
नए मंदिर निर्माण में भक्तों की भागीदारी
रेलवे कालोनी कंस्ट्रक्शन कालोनी स्थित श्री सुमुख गणेश मंदिर को नए स्वरूप में तैयार करने तैयारी चल रही है। मंदिर समिति द्वारा नए मंदिर के निर्माण पुनरुत्थान कार्य के लिए भक्तों से भागीदारी कर पुण्य लाभ कमाने कहा जा रहा है। इसके अंतर्गत मंदिर प्रांगण में कई कार्य हो रहे हैं। मंदिर निर्माण को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह है। फिलहाल अब सभी को भगवान गणपति के नए मंदिर को देखने की प्रतीक्षा है।