बिलासपुर। Coronavirus: अंबिकापुर मेडिकल कालेज के कोविड अस्पताल में कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा बढ़ते ही जा रहा है। बुधवार को कोविड उपचार केंद्र में साढे तीन घंटे के अंतराल में तीन लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही कोविड प्रबंधन के रिकार्ड के अनुसार मौतों का आंकड़ा बढ़कर 94 हो गया है। एक साथ तीन मौतों को लेकर एकबारगी पुनः कोरोना को लेकर स्थिति बिगड़ने का संकेत मिल रहा है।

हालांकि सामान्य दिनचर्या के बीच लोग कोरोना को लेकर बनी शुरुआती स्थिति को भूल जीवनयापन कर रहे हैं। देखा जाए तो वर्ष 2021 के 14 दिनों में नौ दिन राहत के बीच पांच दिनों में नौ कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है।

जानकारी के मुताबिक सूरजपुर जिले से छह जनवरी को एक महिला और एक पुरुष को मेडिकल कालेज अंबिकापुर के कोविड उपचार केंद्र रेफर किया गया था।

52 वर्षीय पुरुष को छह जनवरी को कोरोना संक्रमित पाए जाने पर सूरजपुर से स्थिति खराब देखते हुए उसी दिन रेफर कर मेडिकल कॉलेज के कोविड उपचार केंद्र के आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां बुधवार की सुबह साढ़े पांच बजे उसकी मौत हो गई। सूरजपुर जिले की गंगावती नामक 34 वर्षीय महिला को भी छह जनवरी को ही रेफर करने पर कोविड उपचार केंद्र में भर्ती किया गया, यहां बुधवार की सुबह साढ़े छह बजे उसकी भी मौत हो गई। अंबिकापुर के केनाबांध की एक महिला गीता कश्यप (42) को 13 जनवरी को मेडिकल कॉलेज के कोविड उपचार केंद्र लाया गया।

जांच रिपोर्ट पाजिटिव मिलने पर उसे कोविड आइसीयू में भर्ती किया गया, उपचार के दौरान बुधवार को अलसुबह तीन बजे वह भी दम तोड़ दी। कोविड मरीजों की देखरेख में लगे चिकित्सकों का कहना है कि अब अस्पताल में लक्षणयुक्त और लक्षण रहित कोविड के मरीज पहुंच रहे हैं। जिन मरीजों की मौत हुई, उनकी स्थिति पहले से काफी गंभीर थी। लोगों को अभी भी भीड़भाड़ से बचने और कोरोना से बचाव के लिए आवश्यक उपाय करने की जरूरत है।

14 दिन में नौ दिन राहत, पांच दिन में आठ की मौत

मेडिकल कालेज के कोविड अस्पताल में एक जनवरी से 14 जनवरी के बीच आठ मौतें हुई हैं, वही 60 से अधिक कोविड पाजिटिव मरीजों को भर्ती किया गया है। चालू माह में सात से 12 जनवरी के बीच एक भी मौत नहीं होने के कारण चिकित्सक काफी राहत महसूस कर रहे थे। अचानक तीन घंटे के अंतराल में एक के बाद एक, तीन मौतों से यह समझ में आ रहा है कि लोगों को अभी भी सावधान रहने की जरूरत है। वर्ष के पहले दिन एक भी मौत नहीं हुई थी, न ही एक भी मरीज भर्ती हुए थे।

Posted By: anil.kurrey

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