बिलासपुर। छोटे बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए गायत्री परिवार शनिवार से स्कूलों में अभियान चलाएगा। ताकि बच्चे नशामुक्त होकर बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें। नई पीढ़ी नशे से दूर रहेगी तो सुंदर समाज का निर्माण होगा। इसके लिए गायत्री परिवार प्रत्येक शनिवार को अलग-अलग स्कूलों में जाकर संस्कार की शिक्षा प्रदान करेगा। इसके लिए अलग-अलग टीम बनाई गई है।
वर्तमान समय में बच्चों को बुजुर्गों व माता-पिता से संस्कार सही ढंग से नहीं मिल पा रहा है। बच्चे अधिकांश समय मोबाइल पर इंटरनेट की दुनिया में रहते हैंं। माता-पिता भी अपने-अपने काम में व्यस्त रहते हैं। संस्कार की कमी के कारण बच्चे नशे की ओर जा रहे हैं। बड़ी संख्या में युवा वर्ग नशेे में लिप्त है। इसी को ध्यान में रखते हुए गायत्री परिवार के द्वारा शहर व ग्रामीण क्षेत्र में संस्कार शाला का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब स्कूलों में भी सप्ताह में एक दिन शनिवार को शिक्षा प्रदान की जाएगी। इस दौरान छात्रों को गुस्र् पूजा और शिक्षकों का सम्मान कैसे किया जाना चाहिए, इसकी जानकारी दी जाएगी।
गायत्री प्रज्ञापीठ की जिला समन्वयक नंदिनी पाटनवार ने बताया कि बाल संस्कार कक्षा आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शिक्षा से संबंधित अनुशासन और संस्कार देना है। इसके साथ ही बच्चों को योग भी सिखाया जाएगा। ताकि बच्चे स्वस्थ रहें। प्राचीन संस्कारों का सृजन कराकर बच्चों को भारतीय संस्कृति की जानकारी दी जाएगी। बच्चों का बौद्धिक विकास कराने के लिए संस्कार शिक्षा अभियान को नियमित रूप से चलाया जाएगा। फिलहाल जिले में 120 टीमें प्रत्येक रविवार को घर-घर जाकर बच्चों को एकत्रित कर संस्कार की शिक्षा दे रही हैं। इसमें दो हजार 480 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके लिए प्रशिक्षण देने वालों को ट्रेनिंग दी गई है। धीरे-धीरे इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।