बिलासपुर। Bilaspur News: इन दिनों एक्सप्रेस व लोकल की बजाय कोरबा की पटरियों में केवल विशेष ट्रेनें ही दौड़ रही हैं। कम स्टेशन, स्टापेज और फेरों में सुविधा की कटौती तो हो ही रही, एक नई समस्या भी देखने को मिली है।

कोरबा से यात्रा शुरू करने कराए गए आरक्षण में टिकट पर ट्रेन के छूटने का समय 100 किलोमीटर दूर बिलासपुर स्टेशन का अंकित है। ऐसे में उन यात्रियों को परेशानी हो सकती है, जो बाहर से हैं और यहां की ट्रेनों की समय सारणी से अंजान हैं।

कोरबा-अमृतसर विशेष ट्रेन में आरक्षित टिकट पर कोरबा से ट्रेन के छूटने का समय नहीं लिखा जा रहा। यात्रा के लिए आरक्षण कराने वाले इस विशेष ट्रेन के यात्रियों को टिकट में बिलासपुर से छूटने का समय बताया जा रहा।

कोरोनाकाल में सभी एक्सप्रेस व लोकल ट्रेनों को बंद कर विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। छत्तीसगढ एक्सप्रेस सह पैसेंजर के समय पर चल रही विशेष ट्रेन भी इनमें एक है, जिसमें आरक्षण लेकर दुर्ग तक की यात्रा करने वाले एक यात्री की टिकट में कोरबा स्टेशन से छूट का समय अंकित नहीं था।

इस तरह टिकट में बिलासपुर से छूटने का समय दर्ज होने से ट्रेन का समय नहीं जानने वाले यात्री परेशान होने विवश हैं। कोरबा से चल रही ट्रेनों की समय सारणी से स्थानीय लोग परिचित हैं, लेकिन अपने काम से दीगर शहर या राज्य से आए यात्रियों को समय का ज्ञान नहीं होने से परेशानी हो सकती है।

इस विशेष ट्रेन का परिचालन नवंबर तक के लिए शुरू किया गया था। यात्रियों की मांग व आवश्यकता के साथ ट्रेनों में बढ़ी व्यस्तता को कम करने अतिरिक्त कोच के साथ ट्रेन का परिचालन की तिथि में एक माह का विस्तार दिया गया है।

गिनती की ट्रेन, कम स्टेशन में ठहराव

यात्रियों को मिल रही विशेष ट्रेनों की सुविधा भी सिमित स्टेशनों पर उपलब्ध कराई जा रही है। ज्यादातर छोटे स्टेशन के यात्रियों को सुविधा से वंचित होना पड़ रहा, जहां स्टापेज नहीं दिया जा रहा है। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।

ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सबसे ज्यादा समस्या उठानी पड़ रही, जो ट्रेन पकड़ने पहले कोरबा स्टेशन आने विवश हो रहे। रेलवे ने दिसंबर से हसदेव की जगह कोरबा-दुर्ग फास्ट स्पेशल चलाने का वादा किया था।

साथ ही छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को संपर्क क्रांति व दुरंतो के दिन चलाने पर सहमति जताई थी, पर इस दिशा में अब तक कोई नई खबर नहीं आई।

कोरोनाकाल की यात्रा भी हुई महंगी

यात्रा की कंफर्म टिकट के लिए यात्रियों को जहां कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं टिकट मिल गई तो अधिक किराया देना पड़ रहा हैं। कोरबा से दुर्ग तक की यात्रा के लिए इस ट्रेन में 415 रुपये देने पड़े। स्पेशल ट्रेन के किराया बढ़ाए जाने से यात्री काफी परेशान हैं।

मंहगाई की मार से पहले से परेशान यात्रियों को ट्रेन में सफर करने अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी उठाना पड़ रहा है। जिले में यात्री बसों का संचालन सामान्य नहीं हो पाया है। प्रशासन के आदेश के बाद भी गिनती की ही बसें चलाई जा रही हैं। इससे समय पर लोगों को आवागमन करने समुचित साधन नहीं मिल पा रहा।

सुबह साढ़े ग्यारह के पहले नहीं सुविधा

कोरबा में सड़कों की दुर्दशा है। रेलवे की ओर से भी ट्रेन नहीं चलाई जा रही। इससे लोगों को सफर करने में परेशानी हो रही है और उनका खर्च भी अधिक हो रहा है। उधर सुबह बिलासपुर की ओर जाने सप्ताह में तीन दिन 11.30 बजे के पहले कोई ट्रेन नहीं है।

सुबह की फास्ट ट्रेन शुरू होने से यहां की बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। ऐसा नहीं होने से आवागमन करने लोगों को काफी खर्च भी करना पड़ रहा है, जिससे बच जाएंगे।

Posted By: anil.kurrey

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