नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) प्रायमरी व मीडिल की परीक्षा रविवार को दो पालियों में आयोजित की गई। परीक्षा हाल से पर्चा हल कर निकले परीक्षार्थियों के चेहरे पर खुशी झलक रही थी। उन्होंने बताया कि पर्चा आसान रहा।
बस्तर में चावल से निर्मित पेय पदार्थ को क्या कहा जाता है? ऐसे सवाल पूछे गए। विकल्प में सल्फी, लांडा, ताड़ी व पेज का नाम था। पहली पाली में सुबह 45 परीक्षा केंद्रों में टीईटी (प्रायमरी) की परीक्षा आयोजित की गई। इसमें कक्षा एक से पांच तक की कक्षाओं के लिए पात्रता परीक्षा हुई।
वहीं दूसरी पाली में दोपहर को 97 केंद्रों में टीईटी मिडिल कक्षाओं के लिए परीक्षा आयोजित की गई। खास बात यह कि अधिकांश परीक्षार्थी ऐसे थे जो दोनों पालियों में शामिल हुए। परीक्षा को लेकर केंद्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। परीक्षा पूर्व कड़ी जांच-पड़ताल की गई। शहर के लगभग सभी स्कूल और कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जिससे परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में आसानी हुई।
परीक्षार्थियों की उपस्थिति विवरण केंद्र पंजीकृत उपस्थित अनुपस्थित
टीईटी (प्रायमरी): 45 19,628 12,482 7,146 टीईटी (मीडिल): 97 32,815 22,000 10,815
पीपीटी में 2,204 अनुपस्थित
टीईटी के साथ सुबह की पहली पाली में प्री पालिटेक्निक एंट्रेंस टेस्ट (पीपीटी) की परीक्षा भी हुई। परीक्षार्थियों ने बताया कि उनका पर्चा बेहद कठिन रहा। गणित से संबंधित सवालों को हल करना आसान नहीं था। कई केंद्रों में परीक्षार्थी जल्दी निकल गए। कुल 10 केंद्रों में 2,957 परीक्षार्थी पंजीकृत थे जिनमें 753 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि 2,204 अनुपस्थित थे।
परीक्षार्थियों से बातचीत
एक साल पहले से थी मेरी तैयारी
बिलासपुर की अस्मिता पैकरा ने कहा कि मैंने परीक्षा की तैयारी के लिए पूरे एक साल दिए। एडमिट कार्ड और आइडी कार्ड रखना सुनिश्चित किया। परीक्षा के लिए हल्के और आरामदायक कपड़े पहने ताकि परीक्षा के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।
मेरा पेपर एकदम सरल था, खुश हूं
कोरबा निवासी कोमल कटकवार ने कहा कि मैं एक दिन पहले ही बिलासपुर पहुंच गई थी। परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए किराए पर वाहन भी लिया। परीक्षा के लिए एडवांस बुकिंग की थी ताकि समय पर पहुंच सकूं। पेपर एकदम सरल था।
प्रश्नों का स्तर औसत था, कठिन नहीं
बिलासपुर निवासी परीक्षार्थी प्रीति श्रीवास ने कहा कि टीईटी (प्रायमरी) का पर्चा सरल था। प्रश्नों का स्तर औसत था और तैयारी करने में ज्यादा कठिनाई नहीं हुई। परीक्षा केंद्रों में थोड़ी समस्या थी। बिजली बंद होने का भी डर था। हालांकि परेशानी उतनी नहीं हुई।
मेरा रिजल्ट अच्छा आएगा ऐसी उम्मीद
परीक्षार्थी अन्नू केशरवानी ने कहा कि मैंने टीईटी (प्रायमरी) के लिए तैयारी की थी और परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंच गई थी। परीक्षा सामग्री लेकर आई और सुरक्षा जांच के बाद परीक्षा में शामिल हुई। मुझे किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। ओवरआल सब अच्छा रहा।
काफी परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे
परी क्षार्थी डोलिहोत होता ने कहा कि टीईटी (मिडिल) का पर्चा औसत था। प्रश्नों का स्तर सामान्य था और परीक्षा की तैयारी ठीक रही। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की समस्या नहीं आई। परीक्षा केंद्रों में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी पर्चा देने नहीं आए। सबको आना था।
ऐसे प्रश्न भी पूछे गए 00 बच्चे की बुद्धि एवं विकास का अध्ययन करने की सर्वोत्तम विधि क्या है। 00 प्रतिभाशाली बालक की पहचान क्या है। 00 बैगा जन जातियों द्वारा कौन सा त्योहार मनाया जाता है। 00 भारत का इस्पात नगर कहां स्थित है। 00 पश्चिम बंगाल में चलने वाले तूफान को क्या कहते हैं। 00 पंचायतों के लिए चुनाव कौन करवाता है।
प्रश्नपत्र का विवरण भाग विवरण प्रश्न संख्या अंक
प्रथम भाग बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र 30 30
द्वितीय भाग हिंदी 30 30
तृतीय भाग अंग्रेजी 30 30
चतुर्थ भाग गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान 60 60