बिलासपुर। उसलापुर वैसे तो शहर का दूसरा प्रमुख स्टेशन हैं। पर रात होते ही यहां की सुरक्षा व्यवस्था लचर हो जाती है। सुरक्षा स्टाफ तो दूर मुख्य द्वार पर टिकट जांचने के लिए तक एक रेलकर्मी मौजूद नहीं रहते। पूछताछ केंद्र में एक कर्मचारी नजर आया पर वह भी गहरी नींद में था।

इस स्टेशन में रेलवे सुविधाओं का विस्तार कर रही है। पर्याप्त स्टाफ नहीं है। इसके चलते कोई भी आसानी से स्टेशन में प्रवेश जाता है और बाहर भी निकल जाते हैं। मुख्य द्वार पर कोई उनसे यह तक पूछने के लिए नहीं रहता है कि टिकट है या नहीं। शनिवार की रात दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस पहुंचने वाली थी।

इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के अलाला स्टेशन कोई भी नजर नहीं आया। नियामनुसार मुख्य द्वार पर एक टिकट जांच करने वाला स्टाफ होना चाहिए। यात्रियों को यह तक जानकारी नहीं मिल पा रही थी कि ट्रेन किस प्लेटफार्म पर आएगी। यात्री इधर से उधर भटकते रहे। पूछताछ केंद्र में भी एक कर्मचारी नजर आया, लेकिन वह भी गहरी नींद में था। यात्री तो पूरे प्लेटफार्म खंगाल डाले पर आरपीएफ का एक आरक्षक तक नहीं आया है, जबकि सुरक्षा के लिहाज से कम से कम एक सुरक्षा स्टाफ होना चाहिए, जो कम से कम निगरानी रखे।

यात्री इस स्टेशन की अव्यवस्था देखकर हैरान थे और यही सोच रहे थे की यदि किसी यात्री को मदद की आवश्यकता पड़ती है तो कैसे मिलेगी। स्टेशन में इतनी अव्यवस्था है, उसके बाद भी अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लगती। जबकि अभी लगातार ट्रेन व स्टेशन में चोरी की घटनाएं हो रही है।

Posted By: sandeep.yadav

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