
नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर। तीन दिन तक झमाझम वर्षा के बाद रविवार को बिलासपुर में मौसम ने अचानक करवट बदल ली। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन वर्षा नहीं होने से उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। विडंबना यह रही कि प्रदेश में सर्वाधिक 31 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान बिलासपुर में दर्ज किया गया। शनिवार रात केवल 6.1 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में फिर भारी वर्षा की संभावना जताई है।
शनिवार रात हुई वर्षा के बाद रविवार को शहर में पूरे दिन बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन वर्षा नहीं हुई। इससे वातावरण में नमी बढ़ने के कारण उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। तीन दिन की लगातार वर्षा के बाद शहर की सड़कों, गलियों और मोहल्लों में जगह-जगह कचरा जमा हो गया है। नगर निगम के कर्मचारी सफाई अभियान में जुटे हैं, वहीं कई नागरिक भी अपने घरों और आसपास की सफाई स्वयं कर रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा तथा एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तरी झारखंड, बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण एवं द्रोणिका के प्रभाव से अगले 48 घंटे में अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा तथा मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और वज्रपात की संभावना है। इन सब के बीच शहर में वर्षा थमने के बाद निचली बस्तियों से पानी की निकासी होते ही जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। कई टन कचरा निकलने लगा है।
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सफाई की नई चुनौती, नागरिक बने भागीदार
तीन दिनों की लगातार वर्षा थमते ही शहर में कचरे के ढेर और गंदगी सामने आने लगी है। नगर निगम की टीमें नालियों और सड़कों की सफाई में जुटी हैं। कई मोहल्लों में स्थानीय लोग भी अपने घरों और आसपास की सफाई कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक बाहर नहीं निकलने की अपील की है।