
चारामा । तेज गर्मी और सूर्य का पारा चढ़ते ही क्षेत्र व नगर पंचायत में लो-वोल्टेज की समस्या बढ़ गई है। पिछले एक माह से नगर व आस पास के ग्रामों में लो-वोल्टेज के कारण न ही ठीक से बिजली मिल पा रही है और न ही पानी। न सुबह ठीक से पानी मिल पा रहा है और न ही शाम को। रात होते ही मोमबत्ती और दीये की लौ के समान बल्ब जलते हैं। पंखे-कूलर तो चल ही नहीं पा रहे हैं।
पावर हब कहे जाने वाला छत्तीसगढ़ अब खुद लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहा है। किसान लो वोल्टेज की समस्या से परेशान हैं। उनकी फसलों में बालियॉ आने का समय है। ऐसे में सही वोल्टेज नहीं मिलने से खेतों में लगे मोटर पम्प ठीक से नहीं चल पा रहे हैं। इससे फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं इस समस्या के विषय में विद्युत विभाग का कहना है कि गर्मी में किसानों को मोटरपम्प खेतों में नहीं चलाना चाहिए क्योकि अन्य मौसमों की अपेक्षा घरेलू यंत्रो का उपयोग भी बढ़ जाता है और किसानों के पम्प 24 घंटे चलते रहने से यह समस्या ज्यादा आ रही है। अगर किसान उसमें केपीसिटर लगाता है तो कुछ हद तक लो वोल्टेज को कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन किसानों द्वारा ऐसा नहीं किया जाता। पहले की अपेक्षा आज क्षेत्र में पंप और मोटर की संख्या मे 20 गुना वृद्धि हो चुकी है। जो कहीं न कहीं विद्युत को प्रभावित करती ही है।
जवतरा में सब स्टेशन के बाद कम होगी समस्या
चारामा क्षेत्र की विद्युत सप्लाई गुरुर सबस्टेशन से होती है। चारामा और गुरुर की दूरी लगभग 35 से 40 किमी है जिसके कारण विद्युत सप्लाई की क्षमता में कुछ कमी आती है। पूरा पॉवर सब स्टेशन को नहीं मिल पाता है। वहीं चारामा सब स्टेशन में केपीसिटर नहीं होने से वोल्टेज का प्रभाव चारामा में भी पड़ता है। पानी मोटर, स्ट्रीट लाइटें भी अधिक पावर खीचती हैं। हालांकि नगर के ट्रांसफार्मर में अभी विद्युत का अधिक लोड नहीं है। जबकि दूसरे ट्रांसफार्मर जो ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सप्लाई करता है उसमें अधिक लोड है। लेकिन मोटर और खेतों में पंपों की संख्या जैसे-जैसे बढ़ते जाएगी लो वोल्टेज की समस्या खासकर गर्मी के दिनों में अधिक होने लगेगी। इस समस्या से निपटने के लिए विद्युत विभाग द्वारा ब्लॅाक के कोटतरा के आश्रित ग्राम जवतरा में मेन सब स्टेशन लगाए जाने की प्रक्रिया जारी है। जिसके लगने के बाद कुछ हद तक लो वोल्टेज की समस्या खत्म होगी।