छत्तीसगढ़ के गांव-गांव तक पहुंच रही स्मार्ट मीटर के विरोध की चिंगारी: अब दंतेवाड़ा की इस ग्राम सभा ने किया विरोध
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा विकासखंड अंतर्गत टिकनपाल ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने बिजली विभाग द्वारा जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने का कड़ा व...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 03:57:48 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 04:00:25 PM (IST)
कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीण। -नईदुनियाHighLights
- टिकनपाल ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर का विरोध किया
- अधिक बिजली बिल आने के डर से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
- पुराने मीटर से ही बिजली सेवा जारी रखने की मांग की
नईदुनिया प्रतिनिधि, दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट बिजली मीटरों का विरोध तेज होता जा रहा है। बड़े शहरों के बाद अब ग्रामीण इलाकों में इनका विरोध बढ़ गया है। ताजा मामला बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले का है। जहां ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। विकासखंड कुआकोंडा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टिकनपाल के ग्रामीणों और ग्राम सभा ने एकजुट होकर बिजली विभाग के स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं और तत्काल प्रभाव से स्मार्ट मीटर लगाने का काम रोकने की मांग की है।
ग्राम सभा टिकनपाल के आधिकारिक पत्र के अनुसार, विद्युत विभाग (CSPDCL) द्वारा ग्रामीणों की सहमति के बिना उनके घरों से पुराने मीटरों को जबरन हटाया जा रहा है और उनकी जगह नए स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से मनमाने तरीके से बिना उचित जानकारी या परामर्श के चलाई जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर भारी असंतोष फैल गया है।
गरीबों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
ग्राम सभा के पदाधिकारियों और स्थानीय निवासियों का मुख्य तर्क यह है कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली की खपत की गणना और बिलों की राशि में बढ़ोतरी होने की संभावना है। टिकनपाल एक ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां के अधिकांश निवासी साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि बिजली के बिल बढ़े हुए आए, तो गरीब परिवार उन्हें समय पर पटाने में असमर्थ हो जाएंगे, जिससे उनके घरों की बिजली कटने का संकट पैदा हो सकता है।
कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर महोदय से आग्रह किया है कि वे इस मामले में त्वरित संज्ञान लें और विद्युत विभाग को टिकनपाल गांव में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दें। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की है कि उपभोक्ताओं को पूर्व की भांति पुराने पारंपरिक मीटरों के माध्यम से ही निर्बाध बिजली का लाभ दिया जाए, ताकि वे आर्थिक दबाव से सुरक्षित रह सकें। इस ज्ञापन की एक प्रति कनिष्ठ अभियंता, CSPDCL दंतेवाड़ा को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।