
दंतेवाड़ा। कोण्डागांव में एक अगरबत्ती फैक्ट्री में काम पर लगाने का भरोसा देकर तीन युवतियों को मध्यप्रदेश के शाजापुर ले जाने वाली आरोपी किरण नामक महिला के विरूद्घ कई गंभीर आरोप लगे है। कारली ग्राम पंचायत से जिन तीन युवतियों को किरण बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई थी, उनके परिजन का कहना है कि उन्हें अपने झांसे में लेने किरण ने जो मोबाइल नंबर दिया था, वह गलत था।
तीनों युवतियों के परिजनों का कहना है कि उन्होंने किरण को कभी उनके गांव में नहीं देखा था। 27 जुलाई को किरण उनके गांव आई थी और वह युवतियों को कोण्डागांव में एक अगरबत्ती फैक्ट्री में काम दिलाने की बात कह रही थी। परिजनों की मानें तो वे बेटियों को घर से दूर नहीं भेजना चाहते थे, लेकिन अगले दिन ही तीनों परिजनों को बिना बताए किरण के साथ चली गई थी।
रामसिंग के अनुसार उसने अगरबत्ती फैक्ट्री देखने की इच्छा जताई थी, लेकिन किरण ने पुरूषों के प्रवेश पर प्रतिबंध की बात कहकर उसे अपने साथ ले जाने से इंकार कर दिया था।
उपसरपंच मंगलराम यादव ने बताया कि महिला युवतियों को चोरी-छिपे ले गई थी। पंचायत को इसकी भनक तक नहीं लगी थी। 18 अगस्त को पंचायत की तरफ से गीदम थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मंगलराम के मुताबिक किरण का पैतृक गांव केशलूर के नजदीक चिंगपाल नामक गांव है। वह पूर्व में गीदम में रहती थी। गीदम में उसका मकान भी है। कुछ वर्ष पूर्व चिंगपाल की दो युवतियों को भी वह इस तरह शाजापुर ले गई थी। युवतियां किसी तरह उसके चंगुल से भागने में कामयाब हुई थी, लेकिन मामले को थाने पहुंचने से पहले रफा-दफा कर दिया गया था। अगर उस वक्त थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई होती तो आज यह नौबत नहीं आती।
गौरतलब है कि इस मामले में आम आदमी पार्टी की ओर से सोनी सोढ़ी ने भी गीदम थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
तस्दीक में पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर शाजापुर से तीनों युवतियों को बरामद करने के साथ आरोपी महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है। गीदम पुलिस के मुताबिक युवतियों के साथ आरोपी को लेकर पुलिस टीम छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो चुकी है। बुधवार को उन्हें दंतेवाड़ा लाया जाएगा।