नईदुनिया प्रतिनिधि, दंतेवाड़ा: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली डिवीजन में 30 साल से सक्रिय व 8 लाख के ईनामी माओवादी चंद्रन्ना व मोहला-मानपुर मुठभेड़ में शामिल रहे अमित उर्फ हिंगा बारसा व उसकी पत्नी समेत 12 माओवादियों ने बुधवार को दंतेवाड़ा पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया।
3 दशक पूर्व नक्सली संगठन में शामिल हुआ चंद्रन्ना उर्फ बुरसू पुनेम निवासी पुसनार जिला बीजापुर माओवादियों के डीव्हीसीएम पश्चिम बस्तर डिवीजन व डीएकेएमएस अध्यक्ष के तौर पर कार्यरत था, जो विभिन्न बड़े कैडर के साथ काम करने के अलावा तारलागुड़ा, कोरचोली, तिमेनार मुठभेड़ जैसी कई बड़ी घटनाओं में शामिल था, वहीं मोहला-मानपुर इलाके में सक्रिय रहा।
अमित उर्फ हिंगा बारसा निवासी दुरमा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा डीव्हीसीएम कंपनी नम्बर 10 में कार्यरत था। दोनों पर 8-8 लाख का ईनाम घोषित था। अमित उर्फ हिंगा की पत्नी अरुणा लेकाम ने भी सरेंडर किया। मूलतः छोटेतुंगाली थाना जांगला जिला बीजापुर निवासी अरुणा संगठन में एसीएम/डीके मेडिकल टीम सदस्य थी, जिस पर 5 लाख का इनाम घोषित है।
सरेंडर करने वालों में 3 लाख का इनामी प्लाटून नम्बर 32 पीपीसीएम सेक्शन कमांडर देवा कवासी निवासी अण्ड्री थाना गंगालूर जिला बीजापुर, 2 लाख का इनामी राजेश मड़काम, निवासी बोड़गा कोडोलपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर, पायके ओयाम निवासी चेरली कोकोड़ीपारा थाना मिरतुर, कोसा सोढ़ी निवासी जियाकोड़ता डोंगरीपारा थाना कुआकोण्डा, महेश लेकाम, राजू करटाम निवासी छोटेतुंगाली थाना जांगला जिला बीजापुर, हिड़मे कोवासी निवासी कुंजेरास हित्तापारा थाना कटेकल्याण जिला दन्तेवाड़ा, जीबू उर्फ रोशन ओयाम निवासी बोड़गा थाना भैरमगढ़ अनिल लेकाम निवासी छोटेतुंगाली थाना जांगला जिला बीजापुर भी शामिल हैं।
एसपी गौरव राय ने बताया कि कुल साढ़े 28 लाख के 12 इनामी माओवादियों ने सरेंडर किया। सरेंडर करने वालों को उन पर घोषित इनाम की राशि तो दी ही जाती है। स्व रोजगार व अन्य कार्यों के लिए ट्रेनिंग व जरूरी मदद भी सरकार की ओर से मिलती है। सुरक्षा के लिहाज से लोन वर्राटू हब में रहने की सुविधा तो है, पर गांव में भी रह सकते हैं।
वर्ष 2020 में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव की पहल पर दंतेवाड़ा जिला पुलिस ने लोन वर्राटू यानी घर लौट आइए अभियान शुरू किया था। छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति व स्थानीय जरूरतों के हिसाब से बने पैकेज व जिला पुलिस-सीआरपीएफ के संयुक्त प्रयास से सरेंडर करने वाले माओवादियों की संख्या बढ़ती चली गई।
बुधवार को 12 माओवादियों के सरेंडर के साथ ही जिले में लोन वर्राटू अभियान से प्रेरित होकर सरेंडर करने वाले माओवादियों की कुल संख्या बढ़कर 1005 हो गई है। इस अभियान के तहत साढ़े 4 साल में कुल 249 इनामी समेत 1005 माओवादी सरेंडर कर चुके हैं। लोन वर्राटू अभियान में सरेंडर का आंकड़ा 1000 पार होने की खुशी में पुलिस अधिकारियों ने माओवादी संगठन में 30 साल सक्रिय रहने के बाद सरेंडर करने वाले चन्द्रन्ना के हाथों केक कटवाया।
चंद्रन्ना व हिंगा ने स्वीकार किया कि लगातार एनकाउंटर में बड़े लीडरों समेत बड़ी संख्या में माओवादियों के मारे जाने से संगठन में खलबली मची हुई है। पुलिस के बढ़ते दबाव से माओवादियों के लोकल कैडर सरेंडर कर मुख्यधारा में शामिल होने पहुंच रहे हैं। सुरक्षित बचने का और कोई जरिया नजर नहीं आ रहा है।