छत्तीसगढ़ में खाकी की मिसाल: बालोद में हाईवे पर उठी प्रसव पीड़ा, पुलिस की मदद से सड़क किनारे गूंजी किलकारी
112 हाईवे पैट्रोलिंग टीम और पुरूर अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने सड़क किनारे ही सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद दोनों को पुरूर अस्पताल में भर्ती कराया गया है
Publish Date: Tue, 27 Oct 2026 05:44:59 PM (IST)Updated Date: Tue, 27 Oct 2026 05:44:59 PM (IST)
पुलिस की मदद से सड़क किनारे गूंजी किलकारीHighLights
- बालोद में एनएच-930 के किनारे गूंजी नवजात की किलकारी।
- 112 हाईवे पैट्रोलिंग और नर्सों की टीम बनी देवदूत।
- प्रसव के बाद मां-बेटे स्वस्थ, 3.200 किग्रा है वजन।
नईदुनिया न्यूज, बालोद : धमतरी अस्पताल में सोनोग्राफी कराने जाते समय फागुनदाह चौक के पास गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। दर्द से परेशान महिला सड़क किनारे लेट गई। यह देख राहगीरों ने 112 हाईवे पैट्रोलिंग टीम को सूचना दी।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पुरुर अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों को मौके पर बुलाया। इसके बाद एनएच-930 के किनारे ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। महिला ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों की स्थिति सामान्य है।
गुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम टेंगनाबरपारा निवासी कुसुमलता सिन्हा अपने पति सतीश सिन्हा के साथ बाइक से धमतरी अस्पताल जा रही थीं। इसी दौरान झलमला-धमतरी मुख्य मार्ग पर अचानक उन्हें तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। दर्द बढ़ने पर वह सड़क किनारे लेट गईं। महिला की हालत देखकर आसपास के लोग जुट गए और मदद के लिए पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम
राहगीरों ने दोपहर करीब 12 बजे हाईवे पैट्रोलिंग टीम को सूचना दी। टीम ने बिना देर किए पुरूर अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों को साथ लिया और घटनास्थल पर पहुंच गई। महिला की स्थिति को देखते हुए तत्काल प्रसव कराने की व्यवस्था की गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने सड़क किनारे चटाई बिछाकर प्रसव कराया। दोपहर करीब 12:20 बजे बच्चे की किलकारी गूंज उठी और महिला ने बेटे को जन्म दिया।
पुलिस वाहन से अस्पताल पहुंचाए गए मां-बेटा
प्रसव के बाद पैट्रोलिंग टीम ने मां और नवजात को अपने वाहन से पुरूर अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। जांच में नवजात का वजन तीन किलो 200 ग्राम पाया गया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। समय पर सहायता मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली।
पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता आई काम
पैट्रोलिंग टीम के सदस्य मनोज मेश्राम ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। पुरुर अस्पताल से स्टाफ नर्स भारती साहू, वार्ड आया यशोमती साहू और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) माधवी ध्रुव को भी साथ लाया गया। टीम में मनोज के साथ धनेंद्र देवांगन और वाहन चालक हिरेन्द्र साहू शामिल थे। पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता से समय पर प्रसव संभव हो सका। इस मानवीय पहल की मौके पर मौजूद लोगों ने सराहना की।