उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में हिंसक हुए भालू: चार भालुओं के हमले में दो ग्रामीण घायल, दोनों गंभीर
धमतरी जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अरसीकन्हार रेंज अंतर्गत ग्राम अर्जुनी के जंगल में चार भालुओं ने लकड़ी या अन्य कार्य से गए दो ग्रामीणों पर ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 04:56:11 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 05:01:32 PM (IST)
भालू के हमले से घायल ग्रामीण का अस्पताल में जारी इलाज। -ग्रामीणHighLights
- उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के जंगल में चार भालुओं का हमला
- भालुओं के हमले में घायल दिनेश नेगी रायपुर किए गए रेफर
- ग्रामीण क्षेत्र में फैली दहशत दी गई सावधानी बरतने की सलाह
नईदुनिया प्रतिनिधि, धमतरी। धमतरी जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब अरसीकन्हार रेंज के अंतर्गत आने वाले ग्राम अर्जुनी के जंगल में चार भालुओं ने अचानक दो ग्रामीणों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस भयानक हमले में दोनों ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। भालुओं के दल के हिंसक होने से इलाके में भय का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम ठेनही निवासी दिनेश नेगी और मदन नेताम किसी आवश्यक कार्य से गुरुवार को ग्राम अर्जुनी के जंगल की ओर गए हुए थे। जब वे जंगल के भीतर थे, तभी अचानक चार भालुओं ने उन पर धावा बोल दिया। भालुओं के इस अचानक और आक्रामक हमले से दोनों ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस हमले में दोनों के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं।
ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुंचे घायल
घटना के तुरंत बाद स्थानीय स्तर पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। ग्राम पंचायत ठेनही के पंच और स्थानीय ग्रामीण डीके यादव ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। इसके बाद अन्य ग्रामीणों की मदद से दोनों लहूलुहान घायलों को तत्काल नगरी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया।
गंभीर हालत को देखते हुए रायपुर रेफर
घायल दिनेश नेगी को अपेक्षाकृत अधिक और गंभीर चोटें आई थीं। उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें पहले धमतरी जिला अस्पताल भेजा और वहां से बेहतर उच्च उपचार के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया। वहीं, दूसरे घायल मदन नेताम का इलाज अभी नगरी सिविल अस्पताल में जारी है।
ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने दी चेतावनी
इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों की मौजूदगी बनी रहती है, जिससे आवागमन के दौरान हमेशा जान का खतरा रहता है। घटना के बाद वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है तथा भालुओं की मौजूदगी वाले जंगलों एवं आसपास के इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाने की सख्त अपील की है।