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धमतरी के कुरुद में जमीन डायवर्सन कराने दस हजार की रिश्वत ली, एसडीएम दफ्तर का बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार

धमतरी जिले के कुरूद स्थित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड तीन के बाबू पुनेश्वर सूर्यवंशी को एसीबी रायपुर ने दस हजार रुपये रिश...और पढ़ें

By Satish PandeyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 04:21:35 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 04:22:56 PM (IST)
धमतरी के कुरुद में जमीन डायवर्सन कराने दस हजार की रिश्वत ली, एसडीएम दफ्तर का बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार
एसीबी की कार्रवाई की प्रतीकात्मक तस्वीर। एआई

HighLights

  1. जमीन डायवर्सन कराने के बदले मांगी थी रिश्वत
  2. दस हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया बाबू
  3. एसीबी रायपुर ने कुरूद में की बड़ी कार्रवाई

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया रायपुर। धमतरी जिले के कुरूद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) रायपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व दफ्तर के एक घूसखोर बाबू को रंगे हाथों धर दबोचा। कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं दण्डाधिकारी कुरूद में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारी पुनेश्वर सूर्यवंशी को जमीन डायवर्सन के एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। आरोपी बाबू द्वारा काम कराने के नाम पर कुल 20 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। इस कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग और अनुभाग कार्यालय में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी प्रकाश चन्द्राकर, निवासी शिक्षक कालोनी (वार्ड नंबर 15, जिला धमतरी) ने ग्राम कंहारपुरी, तहसील कुरूद स्थित अपनी कृषि भूमि को व्यावसायिक उपयोग के लिए परिवर्तित (डायवर्सन) कराने हेतु एसडीएम दफ्तर में आवेदन प्रस्तुत किया था। इस कार्य के सिलसिले में जब प्रकाश चन्द्राकर कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी पुनेश्वर सूर्यवंशी से मिले, तो आरोपी ने जमीन डायवर्सन की फाइल को आगे बढ़ाने के लिए 20,000 रुपये रिश्वत की मांग रख दी। प्रार्थी रिश्वत देने के बिल्कुल पक्ष में नहीं थे, बल्कि वह भ्रष्ट कर्मचारी को रंगे हाथों पकड़वाना चाहते थे।


जाल बिछाकर एसीबी ने रंगे हाथों दबोचा

रिश्वत मांगे जाने से परेशान होकर प्रार्थी ने पूरे मामले की लिखित शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने प्राथमिक स्तर पर मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी बाबू प्रथम किश्त के रूप में 10,000 रुपये लेने पर सहमत हुआ। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से 05 अक्टूबर को एसीबी की टीम ने कुरूद में ट्रैप का आयोजन किया। जैसे ही प्रार्थी ने आरोपी पुनेश्वर सूर्यवंशी को पहली किश्त के 10,000 रुपये थमाए, वैसे ही आसपास तैनात एसीबी की टीम ने दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

रिश्वत की रकम जब्त करने के बाद एसीबी की टीम ने आरोपी बाबू को तुरंत अपनी कस्टडी में ले लिया। आरोपी पुनेश्वर सूर्यवंशी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।