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छत्तीसगढ़ के सुगंधित जीआई टैग वाले नगरी दुबराज चावल का अब जापान में जलवा, एफपीओ आगे बढ़ा रहा कृषि विरासत

धमतरी जिले के नगरी अंचल की पहचान जीआई टैग प्राप्त सुगंधित चावल नगरी दुबराज अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी खुशबू बिखेर रहा है। गट्टासिल्ली एफपीओ से जु...और पढ़ें

By Rammilan sahuEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Mon, 28 Sep 2026 07:58:49 PM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2026 08:20:31 PM (IST)
छत्तीसगढ़ के सुगंधित जीआई टैग वाले नगरी दुबराज चावल का अब जापान में जलवा, एफपीओ आगे बढ़ा रहा कृषि विरासत
नगरी दुबराज चावल को पैक करती महिलाएं। - डीपीआर

HighLights

  1. जापान तक पहुंची नगरी दुबराज चावल की खुशबू
  2. महिला किसानों ने जैविक उत्पादन से रचा इतिहास
  3. अमेजन और ओएनडीसी पर उपलब्ध हुआ सुगंधित चावल

नईदुनिया न्यूज, धमतरी। कभी नगरी अंचल के खेतों और घरों तक सीमित रहने वाली सुगंधित धान की पारंपरिक पहचान ‘नगरी दुबराज’ अब खेतों से निकलकर देश के विभिन्न शहरों और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक अपनी खुशबू पहुंचा रही है। जीआई टैग प्राप्त इस विशिष्ट सुगंधित धान को गट्टासिल्ली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) ने जैविक उत्पादन, सामूहिक प्रयास, मूल्य संवर्धन, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और आधुनिक विपणन से नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

देश के अलग-अलग राज्यों के साथ जिला का नगरी दुबराज जापान तक पहुंच गया है। नगरी दुबराज आज नगरी की पहचान, किसानों की विरासत और छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पाद को आगे बढ़ रहा है।

चावल के साथ ही कृषि विरासत है दुबराज

नगरी दुबराज को केवल कृषि उपज के रूप में नहीं, बल्कि नगरी क्षेत्र की पीढ़ियों पुरानी कृषि विरासत और स्थानीय पहचान के प्रतीक के रूप में बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी विशिष्ट सुगंध, स्वाद और पारंपरिक महत्व इसे अन्य धान किस्मों से अलग पहचान देते हैं। गट्टासिल्ली एफपीओ ने इसी विशेषता को अवसर में बदलते हुए किसानों को संगठित किया और नगरी दुबराज को कच्चे कृषि उत्पाद के बजाय एक विशिष्ट ब्रांडेड उत्पाद के रूप में बाजार तक पहुंचाने की दिशा में काम शुरू किया।


एफपीओ की सफलता किसानों की उपलब्धि

एफपीओ के माध्यम से किसानों को उत्पादन से लेकर संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, लेबलिंग और विपणन तक व्यवस्थित व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। महिला किसान अब केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता, सामूहिक विपणन, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ने की प्रक्रिया में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। गट्टासिल्ली एफपीओ के प्रयासों का दायरा स्थानीय बाजार से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा है। नगरी दुबराज देश के विभिन्न शहरों और राज्यों के उपभोक्ताओं तक पहुंच चुका है। हाल ही में इसकी एक खेप जापान तक भेजी गई, जिसने नगरी क्षेत्र के किसानों और महिला नेतृत्व वाले एफपीओ के लिए नई उपलब्धि का मार्ग प्रशस्त किया।

डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ने की पहल

बदलते बाजार और डिजिटल व्यापार की संभावनाओं को देखते हुए गट्टासिल्ली एफपीओ ने नगरी दुबराज को अमेजन, ओएनडीसी और ट्राइब्स इंडिया जैसे डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ने की पहल की है। इससे उपभोक्ताओं को घर बैठे नगरी दुबराज खरीदने की सुविधा मिल रही है और उत्पाद की पहुंच स्थानीय बाजार से आगे देश के अलग-अलग हिस्सों तक बढ़ रही है।

चार माह पहले ह़ुआ था जापान में चावल निर्यात

नगरी दुबराज के विक्रय पैकेजिंग में शामिल ओम प्रकाश साहू, आरती कश्यप, प्रतिमा यादव ने बताया कि देश के पूरे राज्य में चावल का निर्यात किया जा रहा है। चार माह पहले जिला प्रशासन के सहयोग से जापान में 10 किलो चावल को सैंपल के लिए निर्यात किया गया था। हमारी समिति में 1005 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। गट्टासिल्ली फार्मिंग प्रोडक्शन कंपनी लिमिटेड द्वारा अमेजान व अन्य डिजिटल आनलाईन माध्यम से चावल का निर्यात हो रहा है। नई पैकेजिंग प्रति किलो 140 रुपये किलो से विक्रय किया जा रहा है।