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विपत्तियों से बचने छत्तीसगढ़ के इस गांव में एक सप्ताह पहले मनी दीवाली, सदियों पुरानी परंपरा का पालन

धमतरी जिले के सेमरा गांव में सिरदार देव की मान्यता के कारण दीपावली समेत अन्य सभी प्रमुख त्योहार नियत समय से एक सप्ताह पूर्व ही धूमधाम से मनाए जाते हैं।

By Rammilan sahuEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 08:19:32 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 08:21:51 PM (IST)
विपत्तियों से बचने छत्तीसगढ़ के इस गांव में एक सप्ताह पहले मनी दीवाली, सदियों पुरानी परंपरा का पालन
धमतरी के सेमरा गांव में मंगलवार को दीवाली मनाते ग्रामीण।- ग्रामीण

HighLights

  1. धमतरी के सेमरा गांव में सप्ताह पूर्व दीपावली
  2. सिरदार देव की मान्यता से जुड़ी है परंपरा
  3. आसपास के ग्रामीण इलाकों से पहुंचते हैं मेहमान

नईदुनिया प्रतिनिधि, धमतरी। वक्त और पीढ़ियां चाहे जितनी बदल गई हों, लेकिन छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक ऐसा गांव है जहां सदियों पुरानी परंपरा आज भी पूरी निष्ठा और श्रद्धा के साथ निभाई जा रही हैं। देशभर में जहां दीपावली का पर्व अपने तय समय पर मनाया जाता है, वहीं धमतरी मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित सेमरा गांव में यह पर्व एक सप्ताह पहले ही हर्षोल्लास के साथ मना लिया जाता है।

इस अनोखी परंपरा के पीछे गांव के आराध्य सिरदार देव के प्रति ग्रामीणों की गहरी आस्था और अटूट मान्यता जुड़ी हुई है। हाल ही में मंगलवार को गांव में दीपावली का त्योहार पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ है, जिसमें पूरे गांव को दुल्हन की तरह सजाया गया था।


सिरदार देव की मान्यता और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ग्रामीणों के अनुसार इस अनूठी परंपरा की शुरुआत सदियों पहले हुई थी। किंवदंतियों के मुताबिक पुराने समय में सेमरा एक छोटा सा बसाहट क्षेत्र था जिसके चारों तरफ घने जंगल थे और जंगली जानवरों का भारी आतंक बना रहता था। तब बोरझरा गांव के सिरदार नामक एक साहसी व्यक्ति ने यहां आकर ग्रामीणों को जंगली जानवरों के आतंक से मुक्ति दिलाई, लेकिन संघर्ष के दौरान वे वीरगति को प्राप्त हो गए।

बलिदान के बाद पुजारी को आया स्वपन

उनकी शहादत और मृत्यु के पश्चात गांव के पुजारी को स्वप्न आया जिसमें सिरदार देव ने सभी प्रमुख त्योहार एक सप्ताह पहले मनाने का निर्देश दिया। तभी से गांव में दीपावली, होली, हरेली और पोला जैसे सभी बड़े पर्व निर्धारित तिथि से सात दिन पूर्व मनाए जाने लगे।

दीपावली पर सजता है मेले जैसा भव्य माहौल

सेमरा गांव में दीपावली के अवसर पर हर घर रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक रंगोलियों से जगमगा उठता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में भारी उत्साह देखा जाता है। त्योहार के दौरान गांव में किसी बड़े मेले जैसा भव्य माहौल बन जाता है। आसपास के पंद्रह से बीस गांवों के लोग उत्सव में शामिल होने के लिए सेमरा पहुंचते हैं। कई परिवारों के मेहमान बनकर आने वाले लोगों की संख्या गांव की कुल आबादी से भी अधिक हो जाती है।

परंपरा तोड़ी तो आ सकती है विपत्ति

ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि यदि परंपरा से हटकर त्योहार मनाया जाए तो गांव पर विपत्तियां आ सकती हैं। आज युवा पीढ़ी भी अपने पूर्वजों की इस अनूठी विरासत को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रही है।

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