
धमतरी। गोकुलपुर वार्ड में डायरिया का प्रकोप कम तो हो गया है। इस पर नियंत्रण से पहले यहां दो महिलाएं अपनी जान गंवा चुकी थी। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि उनकी मौत डायरिया से हुई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने गैंदी बाई की मौत हार्ट अटैक से और सुभिया बाई की मौत घर में होने के कारण अनभिज्ञता जाहिर की।
गोकुलपुर वार्ड निवासी 75 वर्षीय गैंदी बाई पति शंभु राम साहू की 8 सितंबर को अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतका के पुत्र कौशल राम साहू ने बताया कि गोकुलपुर वार्ड में पिछले 10 दिनों से डायरिया का प्रकोप चल रहा है। 7 सितंबर को उनकी मां गैंदी बाई को भी उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। मोहल्ले के अन्य लोगों की स्थिति देखने के कारण उसी दिन दोपहर में गैंदी बाई को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। कौशल राम ने बताया कि मां की हालत खराब होने के कारण उसके दोनों हाथ में सलाइन लगाया गया था। मां ने कहा ठंड लग रही है तो परिवार के अन्य सदस्यों को अस्पताल में छोड़कर मैं शॉल लेने घर आया था। उसी दिन शाम 4 बजे मां का निधन हो गया। गोकुलपुर वार्ड निवासी सुभिया बाई 70 वर्ष की भी 6 सितंबर को घर में मौत हो गई। उसके पुत्र रमेश साहू ने बताया कि मां को उल्टी-दस्त होने लगी थी। मोहल्ले में डॉक्टर कैंप लगाकर दवाई बांट रहे थे, वहां से दवाई लाकर खिलाया था। घर में ही मां ने दम तोड़ दिया। अस्पताल ले जाने का समय ही नहीं मिल पाया। कौशल राम साहू और रमेश साहू ने बताया कि गोकुलपुर वार्ड में उल्टी, दस्त का प्रकोप चल रहा है।
हार्ट अटैक से हुई मौत
इस संबंध में सीएमओ डॉ. एसपी सक्सेना ने कहा कि गोकुलपुर वार्ड निवासी वृद्घा गैंदी बाई की मौत डायरिया से नहीं बल्कि हार्ट अटैक से हुई है। सुभिया बाई की मौत का मामला मेरी जानकारी में अभी तक नहीं आया है।