धमतरी में बाढ़ के कारण रातभर फंसा बीमार मरीज, ग्रामीणों ने डूमर नाला पर पुलिया निर्माण की मांग की
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के चर्रा गांव में बाढ़ के चलते एक बीमार मरीज रातभर घर में ही फंसा रहा। सुबह पानी कम होने पर ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए उसे अ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 04:59:37 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 05:02:07 PM (IST)
बीमार व्यक्ति को कंधे में चारपाई के सहारे बरसाती नदी पार कराते ग्रामीण। नईदुनियाHighLights
- रातभर गंभीर हालत में तड़पता रहा बीमार
- सुबह जलस्तर घटने पर पहुंचाया अस्पताल
- डूमर नाले पर पुलिया न होने से परेशानी
नईदुनिया प्रतिनिधि, धमतरी। प्रकृति का प्रकोप जब अपनी चरम सीमा पर होता है, तब इंसानी जज्बा और मदद का जज्बा ही सबसे बड़ा सहारा बनता है। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत लटियारा के आश्रित ग्राम चर्रा कच्छारपारा में कुछ ऐसा ही झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां की भौगोलिक स्थिति और बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने एक बीमार ग्रामीण की जान पर संकट खड़ा कर दिया था। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे, जिसने ग्रामीणों की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया था।
चर्रा गांव निवासी गोपेश कुमार पटेल की अचानक तबीयत बेहद खराब हो गई। उन्हें गंभीर रूप से उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई, जिससे उनकी शारीरिक स्थिति तेजी से गिरने लगी। परिवार और पड़ोसियों में चिंता की लहर दौड़ गई क्योंकि उन्हें तुरंत चिकित्सीय सहायता की सख्त जरूरत थी। लेकिन प्राकृतिक बाधा उनके रास्ते की सबसे बड़ी दीवार बन गई थी। गांव के चारों तरफ पानी भर जाने और रास्ते के नाले में उफान होने के कारण रात के अंधेरे में मरीज को अस्पताल ले जाना किसी जोखिम से खाली नहीं था। मजबूरीवश, परिजनों और ग्रामीणों को गोपेश को रातभर घर पर ही रोकना पड़ा, जबकि वह दर्द से तड़पते रहे।
सुबह की किरण के साथ शुरू हुआ रेस्क्यू
जैसे-तैसे रात गुजरी और भोर की पहली किरण के साथ ही जलस्तर में कुछ कमी आनी शुरू हुई। स्थिति थोड़ी नियंत्रण में आते ही ग्राम पंचायत लटियारा के सरपंच रुपेश कुमार ध्रुव और स्थानीय ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए मोर्चा संभाला।जागरूक ग्रामीणों ने एकजुट होकर मरीज को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया। उनके आपसी सहयोग और अथक प्रयासों से गोपेश को समय रहते चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका समुचित उपचार शुरू किया और उनकी जान बचाई गई।
डूमर नाला पर पुलिया निर्माण की उठी मांग
यह समस्या पूरे क्षेत्र की उस बुनियादी समस्या को उजागर करती है जिसका सामना ग्रामीण हर साल बारिश के मौसम में करते हैं। चर्रा के डूमर नाला में बरसात के दौरान बाढ़ आना एक आम बात बन गई है, जिससे संपर्क पूरी तरह कट जाता है। इस कारण आपात स्थिति में मरीजों, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों का आवागमन ठप हो जाता है। इस गंभीर समस्या से स्थायी निजात पाने के लिए अब ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के समक्ष डूमर नाला में तत्काल पुलिया निर्माण कराने की मांग रखी है, ताकि भविष्य में किसी अन्य ग्रामीण को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े।