
धमतरी। गंगरेल बांध में 90 प्रतिशत जलभराव होने के बावजूद 2300 क्यूसेक प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी आ रहा है। इसलिए खरीफ फसल की सिंचाई के लिए पानी देने बांध के तीन गेट खोल दिए गए हैं। 6616 क्यूसेक की रफ्तार से पानी रुद्री बैराज पहुंच रहा है। जहां से होकर बांध का पानी महानदी मुख्य नहर के माध्यम से खेतों तक जा रहा है।
जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को गंगरेल बांध का जलस्तर 347.91 मीटर था। 90 प्रतिशत जलभराव के साथ कुल 29.502 टीएमसी पानी है। 2303 क्यूसेक पानी कैचमेंट एरिया से बांध में आ रहा है। बांध का 3 गेट खोलकर 6616 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज भेजा जा रहा है। रुद्री बैराज से पानी महानदी मुख्य नहर में सिंचाई के लिए छोड़ा जा रहा है।
डेढ़ हफ्ते में कुल 2.544 टीएमसी पानी खरीफ फसल की सिंचाई के लिए गंगरेल बांध से लिया जा चुका है। अभी भी पानी छूटने का क्रम लगातार जारी है। मुरूमसिल्ली बांध में 99 प्रतिशत पानी है। कुल जलभराव 5.77 टीएमसी है। 136 क्यूसेक आवक के मुकाबले 331 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
दुधावा बांध में 7.425 टीएमसी जलभराव के साथ 72 प्रतिशत पानी है। 403 क्यूसेक पानी यहां आ रहा है तथा इतना ही पानी छोड़ा जा रहा है। सोंढूर बांध में 93 प्रतिशत जलभराव है। 6.591 टीएमसी पानी भरा हुआ है। 453 क्यूसेक आवक है तथा जावक 501 क्यूसेक है।
41.5 क्यूसेक पानी की आवक
मौजूदा बारिश सीजन में जुलाई और अगस्त माह मिलाकर गंगरेल बांध में कुल 41.536 टीएमसी पानी की आवक हुई। इसमें से 24.283 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है। गंगरेल से निकले महानदी फीडर केनाल से आधा टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है। गंगरेल बांध का पानी रुद्री बैराज लाकर 23.694 टीएमसी पानी बहाया गया। 2.544 टीएमसी पानी खरीफ सिंचाई के लिए तथा 20 टीएमसी पानी बाढ़ के रूप में महानदी में छोड़ा गया। निस्तारी और रायपुर शहर के लिए भी महानदी मुख्य नहर में पानी दिया गया।