
धमतरी। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शासन स्तर पर तमाम तरह की योजनाएं चल रही है। पर योजनाओं का सही क्रियान्वयन न होने के कारण इसका लाभ छात्राओं को नहीं मिल पाता। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि योजना प्रारंभ की गई थी। पर आज तक एक भी छात्रा को योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।
माध्यमिक शिक्षा तक पढ़ाई के बाद अधिकांश छात्राएं स्कूल जाना छोड़ देती है। ऐसी छात्राओं को स्कूली शिक्षा से जोड़े रखने के लिए शिक्षण सत्र 2007-08 में शिक्षा विभाग ने छात्राओं को प्रोत्साहन राशि देने की योजना बनाई थी। जिसके तहत 9वीं पास करने वाली प्रत्येक छात्रा को 3 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाना था। योजना के लागू होने के 6 साल बाद भी एक भी छात्रा को प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पाई है। सन 2008 में 536 छात्राओं को प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया। इसी तरह 2009 में 889, 2010 में 1126, 2011 में 1123, 2012 में 1324 व 2013 में 2091 छात्राओं के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया। अभी तक किसी भी छात्रा के खाते में रुपए नहीं पहुंचे। इस बात से पता लगाया जा सकता है कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने शिक्षा विभाग कितना गंभीर है।
केन्द्र से नहीं मिला आबंटन
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी राकेश पांडे का कहना है कि बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत सभी को शिक्षा पाने का अधिकार है। प्रोत्साहन राशि का आबंटन केन्द्र से होता है। आबंटन नहीं मिलने के कारण इसका वितरण नहीं किया जा सका है। राशि आते ही छात्राओं के खाते में यह ट्रांसफर हो जाएगा।