
दुर्ग। जिला स्वास्थ्य विभाग इन दिनों नेत्र चिकित्सकों की भारी कमी से जूझ रहा है। नेत्र चिकित्सकों की जिले में पहले ही भारी कमी थी। इसके बाद दो दिन पहले राज्य शासन ने जिले में पदस्थ तीन अन्य नेत्र चिकित्सकों का तबादला आदेश जारी कर दिया है। इसके चलते 19 के सेटअप वाले जिले में महज चार नेत्र चिकित्सक पदस्थ हैं। उनमें भी केवल दो विशेष योग्यताधारी हैं। उनमें डॉ. बीएल कोसरिया जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहें हैं। डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव सीएमएचओ के प्रशासनिक पद पर कार्य देख रहे हैं। वहीं दो अन्य डॉ. आनंद भवतमांगे व डॉ. पूजा मिश्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं दे रही हैं। उनके अलावा जिले में अब कोई सरकारी चिकित्सक नहीं है, जो आंखों इलाज कर सके। वर्तमान में शासन ने निकुम में पदस्थ डॉ. संगीता भाटिया का तबादला जिला चिकित्सालय कबीरधाम, उतई में पदस्थ डॉ. अल्पना अग्रवाल का तबादला जिला चिकित्सालय नारायणपुर व उतई में ही पदस्थ सुकुमारी साहू का स्थानांतरण जिला चिकित्सालय राजनांदगांव कर दिया है। सेटअप के मुताबिक जिला व सुपेला शास्त्री अस्पताल में दो-दो विशेषज्ञ व दो-दो मेडिकल अफसर के पद स्वीकृत है। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक-एक विशेषज्ञ व एक-एक मेडिकल अफसर के पद हैं। तबादला आदेश ने जिले में नेत्र चिकित्सकीय सुविधा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
शासन का है निर्णय
तबादला आदेश शासन द्वारा जारी किया गया है। जिले में नेत्र चिकित्सकों की कमी है, पर जितने हैं, उतने में हम काम चलाएंगे। जरुरत पड़ी तो नेत्र चिकित्सक मांगे जाएंगे।
डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, सीएमएचओ दुर्ग