
नईदुनिया न्यूज, धमधा। कर्ज माफी सहित अन्य मांगों को लेकर धमधा में किसानों का आंदोलन शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। किसान धरना स्थल पर क्रमिक भूख हड़ताल कर सरकार और प्रशासन से मांगों पर ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं। वहीं खपरी गांव में इस दौरान ही कर्ज संबंधी नोटिस लेकर संबंधित बैंक के कर्मचारी पहुंच गए।
इससे किसान आक्रोशित हो गए। बैंक कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच कहासुनी भी हुई। पुलिस ने किसी तरह बैंक कर्मचारियों को वाहन में बिठाया। ग्रामीणों ने वाहन घेर लिया था, परन्तु बाद में समझाइश पर मामला शांत हुआ।
किसानों द्वारा कर्जमाफी की मांग को लेकर लंबे समय से आवेदन और ज्ञापन के माध्यम से अधिकारियों का ध्यान मांगों की ओर दिलाया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। किसान क्रमिक भूख हड़ताल पर मंगलवार से बैठे हैं। शुक्रवार को खपरी गांव में उस समय आक्रोश की स्थिति बन गई, जब कर्ज संबंधी नोटिस देने बैंक कर्मचारी पहुंचे।
किसानों के मुताबिक मौके पर पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। बैंक कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच कहासुनी भी हुई। ग्रामीणों ने बैंक कर्मचारियों को कुछ समय के लिए रोक लिया। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित वाहन में बैठाया। विवाद की सूचना मिलने पर किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी।
धमधा थाना प्रभारी महेश ध्रुव के निर्देशन में पुलिस की मौजूदगी तथा समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई और बैंक कर्मचारियों को वहां से बाहर निकाला गया।
किसानों का आरोप है कि कर्जमाफी के दौरान हितग्राही चयन में कथित चूक का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। एक ओर वे कर्जमाफी की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बैंक नोटिस और जमीन कुर्की की चेतावनी से दबाव बढ़ रहा है। किसानों ने मांग पूरी होने तक क्रमिक भूख हड़ताल जारी रखने की बात कही है।
आंदोलन में आत्मा साहू, डॉ. जोहन वर्मा, पंचराम साहू, दुवासू साहू, मनसुख साहू, बिसंभर साहू, भानु साहू, तेजेश्वर सोनवानी, कमल नारायण, सुपंथक पेखन यादव, राजेंद्र वर्मा, देवचरण साहू, कमलेश जंघेल सहित किसान व ग्रामीण उपस्थित रहे।
धमधा ब्लाक के खपरी, परसबोड़, कुटहा, पेंड्री और खैरझीटी गांव के किसानों ने निजी बैंक आइडीबीआइ बैंक की विभिन्न शाखाओं से कृषि ऋण लिया था। मामला कोरोना काल के पहले का है। किसान लगातार ऋणमाफी की मांग कर रहे हैं आरै कलेक्टर से भी मिले थे।
वे जांच पूरी होने तक ऋण वसूली, कुर्की और भूमि नीलामी पर रोक तथा वर्ष 2018 के एनपीए खातों की जांच की मांग कर रहे हैं। पात्र किसानों को ऋणमाफी योजना का लाभ मांग रहे हैं।
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