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Whatsapp पर 'इलाज' पड़ा भारी... फोन पर एक्स-रे दिखा ली राय और कर दिया प्लास्टर, अब मासूम सूजन और दर्द से बेहाल

CG News: दुर्ग जिले के उतई क्षेत्र में बीते 26 दिसंबर को दुर्घटना में हाथ फ्रैक्चर हुए नौ वर्षीय बच्चे के उपचार में गंभीर लापरवाही बरती गई। आस्था अस्प...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Fri, 23 Jan 2026 07:57:14 PM (IST)Updated Date: Fri, 23 Jan 2026 08:10:23 PM (IST)
Whatsapp पर 'इलाज' पड़ा भारी... फोन पर एक्स-रे दिखा ली राय और कर दिया प्लास्टर, अब मासूम सूजन और दर्द से बेहाल
दुर्ग में अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है

HighLights

  1. डॉक्टर ने फोन पर एक्स-रे दिखा ली राय और कर दिया प्लास्टर
  2. अस्पताल उतई के डॉक्टर की लापरवाही, परिजनों ने उठाए सवाल
  3. परिजनों ने बच्चे को योग्य ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से इलाज दिलाने की मांग की

नईदुनिया न्यूज, उतई। दुर्ग जिले के उतई क्षेत्र में बीते 26 दिसंबर को दुर्घटना में हाथ फ्रैक्चर हुए नौ वर्षीय बच्चे के उपचार में गंभीर लापरवाही बरती गई। आस्था अस्पताल उतई के बीएमएस डॉक्टर ने एक्स रे फिल्म को फोन पर दूसरे डॉक्टर को भेजा, राय ली और उसी हिसाब से बच्चे की हाथ में प्लास्टर लगा दिया। बीते एक दिन पहले प्लास्टर खोला गया तो फ्रैक्चर जस का तस था। वहीं बच्चा दर्द से परेशान है।

जानकारी के अनुसार उतई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पतोरा निवासी सलोक बंजारे पिता राजेश कुमार बंजारे का दुर्घटना की वजह से दाए हाथ में फ्रैक्चर आ गया था। स्वजन उसे लेकर आस्था अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे। परिजनों के अनुसार वहां डा. पवन तिवारी (बीएएमएस/एमडी, डीफार्मा) ने पहले तो बच्चे का एक्स रे कराया।


डॉक्टर ने व्हाट्सएप पर ली राय

इसके बाद एक्स रे को उन्होंने अस्पताल में ही ओपीडी में आने वाले एक अन्य डा. सौरभ चंद्राकर को व्हाट्सअप पर भेजकर उससे राय ली। संबंधित डाक्टर द्वारा दिए गए सुझाव के आधार पर ही डा. पवन तिवारी ने स्वयं ही बच्चे के हाथों में प्लास्टर कर दिया। स्वजनों की मानें तो प्लास्टर लगने के कई दिनों बाद भी बच्चे के हाथ में दर्द, सूजन और कमजोरी बनी हुई थी। इससे हड्डी सही तरीके से न जुड़ने की आशंका बन गई थी।

स्वजनों ने बताया कि गुरुवार को बच्चों को लेकर वे आस्था अस्पताल उतई पहुंचे। प्लास्टर खोलने के बाद भी बच्चे के हाथ में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। एक नजर में ही हाथ की हड्डी तिरछी नजर आ रही है। इसे लेकर स्वजन अब परेशान हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच और बच्चे को योग्य आर्थोपेडिक डॉक्टर से तत्काल इलाज दिलाने की मांग की है।

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बच्चे का इलाज गलत हुआ है। करीब एक महीने से वह दर्द में है। स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच करे और उचित इलाज दिलाए- ओमप्रकाश बंजारे, चाचा।

मैंने विशेषज्ञ डॉक्टर को मोबाइल पर एक्स-रे भेजा और उनकी राय पर प्लास्टर किया। संभव है कुछ चूक हो गई हो- डा. पवन तिवारी, डायरेक्टर, आस्था अस्पताल, उतई।

इस संबंध में किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है। मामला संज्ञान में आएगा तो जांच कराई जाएगी। गड़बड़ी पर कार्रवाई भी की जाएगी- डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग।