
छुरा। मुख्यालय से 12 किमी दूर ग्राम गायडबरी में गुरुवार को मलेरिया से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं सैकड़ों अभी भी पीड़ित हैं। एक मृतक 10वीं की छात्रा और दूसरा विवाहित युवक था। ग्रामीणों के अनुसार दोनों मृतक के परिजन डाक्टर की दवाई से ठीक नहीं होने पर झाड़फूंक करवा रहे थे।
गांव की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के साथ पिपरछेड़ी के स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांव में घर-घर जाकर खून की रक्त पट्टी बना रहे हैं। कार्यकर्ता ने बताया कि 70 व्यक्तियों की रक्तपट्टी बनाई गई है जिसे छुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजी जाएगी। जहां जांचकर मलेरिया मरीजों की पुष्टि होगी। गायडबरी के महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता केएल साहू ने बताया कि दोनों मृतक रामनाथ ध्रुव व कुमारी कुलेश्वरी दीवान के मृत होने के पहले रक्त पट्टी बनाई गई थी जिसमें दोनों को मलेरिया पाजीटिव पाया गया था।
दवाई से ठीक नहीं हुई तो कराया झाड़-फूंक
मृतका कुलेश्वरी के पिता धनसाय ने बताया कि कुलेश्वरी कक्षा 10वीं की छात्रा थी, जिसे दो अगस्त को बुखार आया। निजी डाक्टर से उसका इलाज कराया गया। इलाज के दूसरे दिन वह ठीक हूं कहकर स्कूल गई। वहां दोपहर 12 बजे फिर ठंड के साथ बुखार आया। इसके बाद डाक्टर द्वारा दी गई दवाई को खिलाई गई लेकिन ठीक नहीं हुआ और झाड़-फूंक कराने दूसरे गांव ले गया था लेकिन वहां भी ठीक नहीं हुई। दूसरे दिन सुबह हाथ-पैर में दर्द के साथ तेज बुखार आया और लड़की की मौत हो गई।
ठीक नहीं हुआ तो घरेलू इलाज
इसी प्रकार मृतक रामनाथ की पत्नी ने बताया कि मेरे पति को ठंड लेकर बुखार आया। उसे हम लोगों ने छुरा के एक डाक्टर से इलाज कराया लेकिन तीन दिनों तक ठीक नहीं हुआ। तो हम घर में ही रखे थे। वहीं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा खून रक्त पट्टी बनाई गई लेकिन मेरे पति की तबियत और ज्यादा खराब होते गई और पांच दिन की बुखार में उनकी मौत हो गई।
कई मरीज बिस्तर में
वहीं गांव में कई मरीज अभी भी बिस्तर में पड़े हुए हैं लेकिन विभाग के जवाबदार अधिकारी गांव में 8 अगस्त शाम चार बजे तक झांकने तक नहीं आए थे। वहीं दूसरी ओर गांव में पदस्थ स्वास्थ्य कार्यकर्ता खून जांच तक ही कर सकता है। विभाग के अधिकारी बता रहे हैं कि रक्त पट्टी जांच में उन्हें मलेरिया का मरीज बताया गया है।
वर्जन
गांव में लोग बुखार आने पर भी डाक्टर के पास न जाकर झाड़-फूंक के चक्कर में रहते हैं। गांव में पदस्थ महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांव में रहकर अपनी सेवाएं दे रही हैं। मलेरिया से दो की मौत होने के बावजूद जवाबदार अधिकारी गांव नहीं पहुंचे हैं।
-अघहनसिंह ठाकुर, उपसरपंच गायडबरी
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टीम भेजकर जांच करवाता हूं। अभी तक खंड चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट नहीं आई है। आने पर ही पता चलेगा।
-डॉ. जेएल उईके, मुख्य चिकित्सा अधिकारी गरियाबंद