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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गरियाबंद में आठ लाख की इनामी महिला माओवादी ने किया आत्मसमर्पण, 20 साल से थी लिप्‍त

पिछले नौ महीनों में सुरक्षा बलों ने मोर्चे पर लगातार सफलता पाई है। इस अवधि में 28 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए, जबकि 27 ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का ...और पढ़ें

By Navodit SaktawatEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Mon, 15 Sep 2025 07:47:39 PM (IST)Updated Date: Mon, 15 Sep 2025 07:53:50 PM (IST)
गरियाबंद में आठ लाख की इनामी महिला माओवादी ने किया आत्मसमर्पण, 20 साल से थी लिप्‍त
महिला माओवादी जानसी उर्फ कौशल्या।

HighLights

  1. जानसी मृतक डीवीसी मेंबर सत्यम गावड़े की पत्नी हैं।
  2. 20 वर्षों से माओवादी गतिविधियों में संलग्न रही हैं।
  3. उसे इस क्षेत्र में काफी सीनियर माना जाता रहा है।

नईदुनिया न्यूज, गरियाबंद। पुलिस को माओवादी गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय और आठ लाख रुपये की इनामी महिला माओवादी जानसी उर्फ कौशल्या ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।

पुलिस के अनुसार जानसी कुख्यात माओवादी और मृतक डीवीसी मेंबर सत्यम गावड़े की पत्नी हैं। जानकारी के अनुसार जानसी पिछले 20 वर्षों से माओवादी गतिविधियों में संलग्न रही हैं। उसे इस क्षेत्र में काफी सीनियर माना जाता है। दोनों सीसी मेंबर के मारे जाने के बाद जानसी वरिष्ठ माओवादियों की श्रेणी में आ गई थीं।

वर्तमान में वह नगरी एरिया कमेटी की सचिव थीं और संगठन में उसकी स्थिति काफी महत्वपूर्ण थी। हाल ही में सुरक्षा बलों ने कई शीर्ष माओवादी नेताओं के मारे जाने के बाद जानसी का आत्मसमर्पण पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता और माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका है।


पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता में बताया कि जानसी ने शासन की पुनर्वास नीति और पारिवारिक दबाव के कारण आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि संगठन अब लगातार कमजोर हो रहा है। बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद छोटे कैडरों का मनोबल भी टूट रहा है।

एसपी निखिल राखेचा का मानना है कि जानसी जैसे वरिष्ठ कैडर का सरेंडर नक्सल संगठन में आंतरिक टूट का संकेत है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।