नईदुनिया, गरियाबंद (CG Gariaband Naxal Encounter)। ओडिशा सीमा पर स्थित गरियाबंद जिले में चल रही मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी नक्सली जयराम उर्फ चलपति सहित अब तक 27 नक्सली ढेर हो गए है। मुठभेड़ अभी जारी है। इसमें छत्तीसगढ़ का जवान धर्मेंद्र भोई व ओडिशा का जवान डमरू घायल हुए हैं।
रायपुर के नारायणा अस्पताल में भर्ती जवानों की हालत स्थिर है। मूलत: आंध्रप्रदेश का निवासी 60 वर्षीय जयराम केंद्रीय कमेटी का मेंबर व ओडिशा राज्य कमेटी का प्रभारी था। बता दें कि 16 जनवरी को छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर मुठभेड़ में 18 नक्सली मारे गए थे।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में सोमवार को हुई मुठभेड़ में 20 नक्सली मारे गए हैं। सर्च ऑपरेशन जारी है और माना जा रहा है कि अभी और शव मिल सकते हैं। वहीं, नक्सली अभी भी रुक-रुक कर गोलीबारी कर रहे हैं। 60 से अधिक नक्सलियों के घेरे जाने की खबर है।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के 1000 से अधिक जवान अभियान में जुटे हैं। सोमवार शाम को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ मैनपुर थाना क्षेत्र में कुल्हाड़ी घाट स्थित भालू डिग्गी जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान नक्सलियों के शव मिले। कुछ की पहचान होना बाकी है।
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इससे पहले सोमवार तक सूचना थी कि गरियाबंद जिले में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को मार गिराया है। मुठभेड़ में कोबरा बटालियन का एक जवान घायल हो गया था। उसे गंभीर हालत में रायपुर एयरलिफ्ट किया गया था।
नारायणा अस्पताल में भर्ती जवान की हालत स्थिर है। मुठभेड़ मैनपुर थाना क्षेत्र में कुल्हाड़ी घाट स्थित भालू डिग्गी जंगल में हुई थी। सुरक्षाबल और नक्सलियों के बीच सुबह से रुक-रुककर फायरिंग जारी थी। मौके से तीन आईईडी और एक स्वचालित राइफल बरामद की गई थी।
#WATCH | Raipur, Chhattisgarh | On Gariaband encounter, Dy CM Vijay Sharma says, "14 Naxalites have been killed in 2 days. The special thing is that Odisha cadre CC member Jairam has been killed in Chhattisgarh and the killing of a CC member is the first such incident in the… pic.twitter.com/r5fTITAbSV
— ANI (@ANI) January 21, 2025
बता दें, सुरक्षाबलों ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमाओं पर संयुक्त ऑपरेशन के तहत यह कार्रवाई की है। इसमें 10 टीमों ने भाग लिया है।
सोमवार सुबह आठ बजे से शुरू हुए ऑपरेशन में तीन टीम ओडिशा पुलिस, दो टीम छत्तीसगढ़ पुलिस और पांच सीआरपीएफ की शामिल थीं। दोपहर साढ़े तीन बजे के आसपास कोबरा बटालियन और एसओजी टीमों के साथ नक्सलियों का फिर से सामना हुआ। इस दौरान जोरदार गोलीबारी हुई।
ऑपरेशन देर शाम तक चलता रहा। ड्रोन की मदद से नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी, जिससे सुरक्षा बलों को उनके मूवमेंट का अनुमान लगाने में मदद मिली।
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