गरियाबंद (नईदुनिया न्यूज)। प्रदेश में इन दिनों बाघों के दीदार होने का सिलसिला जारी है। जिले के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के जंगल में वन विभाग द्वारा लगाए गए ट्रैक कैमरा में एक बाघ की तस्वीर कैद हुई है। वन विभाग में एक ओर जहां लंबे समय के बाद बाघ के तस्वीर कैमरे में कैद होने से खुशी देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी ओर बाघ की सुरक्षा को लेकर वन विभाग चिंतित भी है।

उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरूण जैन ने बताया कि आल इंडिया टाइगर स्टीमेंसन 2022 के अंतर्गत फेज - 3 कैमरा ट्रैप एक्सासाइज के दौरान 31 अक्टूबर 2022 को उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघ की फोटो कैमरा ट्रैप के दौरान कैद हुई है। इसके अतिरिक्त विगत एक वर्ष में बाघ के मल के तीन सैंपल भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादुन डब्लूटीआई को भेजा गया है, जिसकी पुष्टि भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के द्वारा की गई है। किन्तु, एक से ज्यादा बाघ होने की पुष्टि डीएनए सिक्वेसिंग रिपोर्ट के आने के बाद हो पाएगी।

वरूण जैन ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण बाघ की आखिरी फोटो वर्ष 2019 में उपलब्ध थी, जो कि मादा बाघिन की थी। हाल ही में मिली फोटो एवं पगमार्ग से नर बाघ के प्रमाण मिले हैं। बताया कि टाइगर रिजर्व में प्रशासन द्वारा विगत वर्षाे से लगातार बाघ की ट्रैकिंग मानिटरिंग एवं रहवास विकास कार्य किया जा रहा है जिसके फलस्वरूप बाघ के पगमार्ग, मल एवं फोटोग्राफ्स पाये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी पीवी नरसिंह राव ने बताया कि उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व में वन विभाग द्वारा लगाये गये ट्रैप कैमरा में 31 अक्टूबर 2022 को बाघ की तस्वीर कैद हुआ है, जो सही है और यह वन विभाग के लिए एक उपलब्धि है।

Posted By: Abhishek Rai

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