• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • गरियाबंद

माओवादियों के ट्राई जंक्शन में तस्करों का ठिकाना, वन विभाग ने जब्त किए जीवित पैंगोलिन, बाघ अवशेष संग छह गिरफ्तार

महाराष्ट्र-तेलंगाना सीमा के जिमेला क्षेत्र में संयुक्त टीम ने वन्यजीव तस्करी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह तस्करों को पकड़ा है। इनके कब्जे से ...और पढ़ें

By Himanshu SanganiEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Sun, 27 Sep 2026 08:48:13 PM (IST)Updated Date: Sun, 27 Sep 2026 08:54:07 PM (IST)
माओवादियों के ट्राई जंक्शन में तस्करों का ठिकाना, वन विभाग ने जब्त किए जीवित पैंगोलिन, बाघ अवशेष संग छह गिरफ्तार
वन्य जीव तस्कर संयुक्त टीम की गिरफ्त में, बरामद जीवित पैंगोलिन। - वन विभाग

HighLights

  1. जीवित मादा पैंगोलिन और नवजात शिशु सुरक्षित बरामद
  2. बाघ की हड्डियां दांत संग छह तस्कर गिरफ्तार
  3. ऑपरेशन थंडर और सेफ पैसेज तहत बड़ी कार्रवाई

नईदुनिया प्रतिनिधि, गरियाबंद। कभी लाल आतंक यानि माओवादियों के सुरक्षित गलियारे के रूप में कुख्यात छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमा पर अब वन्यजीव तस्करों की सक्रियता बढ़ रही है। इसे देखते हुए सीमा पर सक्रिय अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करों के संगठित सिंडिकेट के खिलाफ वन एवं सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसे ही एक संयुक्त अभियान में छह संदिग्ध तस्करों को दबोचा गया है। इनके पास से दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजाति की एक जीवित मादा पैंगोलिन और उसके नवजात शिशु को सकुशल बरामद किया गया।

इसके साथ ही राष्ट्रीय पशु बाघ की 43 संदिग्ध हड्डियां, दो कैनाइन दांत और अवैध परिवहन में इस्तेमाल की जा रही तीन मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार मां और नवजात की सुरक्षित बरामदगी पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से अहम उपलब्धि है।


संयुक्त एजेंसियों का सटीक और गोपनीय अभियान

यह छापामार कार्रवाई महाराष्ट्र के आलापल्ली वन परिक्षेत्र स्थित जिमेला इलाके में 26 सितंबर को पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर की गई। इस ऑपरेशन को वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) के पश्चिमी क्षेत्र, राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) के मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ क्षेत्र, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) और आलापल्ली वन विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर पूरा किया।

सभी आरोपी महाराष्ट्र के निवासी

पकड़े गए सभी छह आरोपी महाराष्ट्र के जिमेला, आलापल्ली, कोकोपाड़ा, गोमनीटोला और कोंसरी क्षेत्र के निवासी हैं। इनके विरुद्ध वन विभाग ने वन्यप्राणी अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है। जब्त बाघ के अवशेषों को गहन फॉरेंसिक और डीएनए जांच के लिए सुरक्षित प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि अवैध शिकार के सटीक स्थान और समय का पता लगाया जा सके।

ऑपरेशन सेफ पैसेज और वैश्विक ऑपरेशन थंडर

यह संयुक्त अभियान उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व द्वारा संचालित 'ऑपरेशन सेफ पैसेज 3.0' के अंतर्गत चलाया गया। यह मुहिम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंटरपोल के व्यापक अभियान 'ऑपरेशन थंडर 2026' का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 14 सितंबर से 14 अक्टूबर तक चलने वाले इस वैश्विक अभियान का मूल उद्देश्य विभिन्न राज्यों और देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच वास्तविक समय में तालमेल स्थापित कर संगठित वन्यजीव तस्करी तंत्र को ध्वस्त करना है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 के ऑपरेशन थंडर में दुनिया के 134 देशों ने भागीदारी की थी, जिसके दौरान 4,640 से अधिक जब्तियां की गईं और 1,100 संदिग्ध तस्करों की पहचान हुई थी।

अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क और पूर्व कार्रवाइयां

सुरक्षा एजेंसियों की पड़ताल में महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से लगा अहेरी-सिरोंचा-जिंगानूर-बीजापुर वन क्षेत्र वन्यजीव अपराधों का प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर और हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। इससे पहले 'ऑपरेशन सेफ पैसेज' के प्रथम चरण में दो पुलिसकर्मियों सहित नौ लोगों को दबोचा गया था, जिनसे तीन बाघ की खालें, एक बाघ का शव और 5.39 किलो पैंगोलिन स्केल्स मिले थे। वहीं दूसरे चरण में ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों से गांजा और पैंगोलिन स्केल्स जब्त हुए थे। वर्तमान में जांच एजेंसियां इस सिंडिकेट के मुख्य सरगनाओं, बिचौलियों, खरीदारों और वित्तीय स्रोतों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।