
नईदुनिया प्रतिनिधि, मैनपुर। छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों के लिए सुखद खबर सामने आई है। रिजर्व के उत्तर उदंती रेंज में हाल ही में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल (मालाबार धनेश) की उपस्थिति दर्ज की गई है। इस उपलब्धि के साथ ही टाइगर रिजर्व के कुल आठ में से छह रेंजों में इस खूबसूरत और महत्वपूर्ण पक्षी का कुनबा फैल चुका है, जो पिछले चार वर्षों में इसके पर्यावास में आए उल्लेखनीय सुधार का प्रमाण है।
वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2022 तक मालाबार धनेश का दायरा मुख्य रूप से कुल्हाड़ीघाट रेंज तक ही सीमित था। निरंतर संरक्षण प्रयासों के चलते बीते चार वर्षों में दक्षिण उदंती, अरसीकन्हार, तौरेंगा और इंदागांव रेंज में भी इसकी सक्रियता देखी गई। वर्तमान में कुल्हाड़ीघाट और दक्षिण उदंती में यह पक्षी सामान्य रूप से दिखाई देते हैं, और अब उत्तर उदंती रेंज में इसकी पुष्टि ने इसके वितरण क्षेत्र को और व्यापक बना दिया है।
रिजर्व प्रबंधन ने वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगभग 1,000 हेक्टेयर वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है और 500 से अधिक शिकारियों व तस्करों पर कानूनी शिकंजा कसा है। सुरक्षा के साथ-साथ पक्षियों के पोषण के लिए 'हॉर्नबिल रेस्टोरेंट' जैसी अनूठी पहल शुरू की गई है, जिसके तहत जंगलों में फलदार वृक्षों के कुंज विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को जोड़कर 'हॉर्नबिल सफारी' के जरिए प्रकृति आधारित रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मालाबार धनेश को 'जंगल का किसान' भी कहा जाता है क्योंकि यह फलों के बीजों को दूर-दूर तक फैलाकर प्राकृतिक वनों के पुनर्जीवन में अमूल्य योगदान देता है।