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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बस्तर की तरह गरियाबंद के आदिवासियों को मिले आरक्षण

आदिवासी ध्रुव गोड़ समाज का जिला स्तरीय दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन स्थानीय बढ़ादेव मंदिर ग्राम आमदी म में हुआ।

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Publish Date: Sun, 12 Apr 2015 11:46:25 PM (IST)Updated Date: Mon, 13 Apr 2015 03:16:29 PM (IST)
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बस्तर की तरह गरियाबंद के आदिवासियों को मिले आरक्षण

गरियाबंद। आदिवासी ध्रुव गोड़ समाज का जिला स्तरीय दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन स्थानीय बढ़ादेव मंदिर ग्राम आमदी म में हुआ। सम्मेलन में बिंद्रानवागढ़ विधायक गोवर्धन मंझी मुख्य अतिथि थे। अध्यक्षता जिला पंचायत उपाध्यक्ष पारस ठाकुर ने की।

उद्बोधन बाद समाज प्रमुखों को स्मृति व शाल श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री मांझी ने कहा कि हिंदुस्तान में हमारा समाज वृहद रूप से निवास करता है। जिन्हें गोंडवान के नाम से जाना जाता है। पूर्व में जितने भी राजा, महाराजा हुए वे कहीं न कहीं आदिवासी गोड़ समाज से संबंध है। जो समाज में ईमानदार, सरल, सहृदय, निष्ठावान के रूप में आज भी जाना जाता है। इसे बरकरार रखते हुए समाज को जागरूक व शिक्षित होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि गरियाबंद जिले के आदिवासियों को बस्तर की तर्ज पर आरक्षण दिया जाना चाहिए। इसके लिए शासन स्तर पर प्रयास जारी है। जिससे आदिवासी भाइयों के अलावा सभी वर्ग को लोगों को लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्ना शासकीय सेवाओं में अन्य जिला से अधिक प्रतिशत होने के कारण जिला के बेरोजगार नवयुवक इन पदों से वंचित रह जाते हैं , क्योंकि यहां शिक्षा का स्तर में कमी, समाज के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक बनाने के लिए पढ़े लिखे समाज के प्रमुख लोगों का एक कमेटी गठन कर शासन द्वारा लागू जनकल्याणकारी योजनोओं की जानकारी दे जिससे लाभ ले सके।


श्री मांझी ने कहा कि समाज की पीड़ा को प्रमुखता से उठाएं ताकि समाज आज के परिवेश में जीवन यापन कर सके। समाज की मांग पर भोजन कक्ष के लिए साढ़े 6 लाख राशि देने की घोषणा की।

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