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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chhattisgarh News: सर्व समाज मनाएगा 111वां भूमकाल क्रांति दिवस

Chhattisgarh News: बस्तर सर्व समाज आगामी चार से 22 फरवरी तक भूमकाल क्रांति दिवस मनाएगा।

By Ravindra ThengdiEdited By: Ravindra Thengdi
Publish Date: Mon, 01 Feb 2021 11:30:00 AM (IST)Updated Date: Mon, 01 Feb 2021 11:30:14 AM (IST)
Chhattisgarh News: सर्व समाज मनाएगा 111वां भूमकाल क्रांति दिवस

जगदलपुर। Chhattisgarh News: बस्तर सर्व समाज आगामी चार से 22 फरवरी तक भूमकाल क्रांति दिवस मनाएगा। 10 फरवरी को राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके के आतिथ्य में भूमकाल दिवस शहर के प्रियदर्शनी स्टेडियम में मनाया जाएगा। इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार दोपहर तेतरखूंटी स्थित धुरवा समाज भवन में संपन्न् हुई। बस्तर सर्व समाज द्वारा इस वर्ष भूमकाल की 111वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी।

बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष चार फरवरी को हीरानार, 10 को जगदलपुर, 14 को अलनार, 15 को रानसरगीपाल, 17 को नेतानार, 19 को केलाऊर तथा 22 फरवरी को शहीद गुंडाधूर जन्म स्थान नेतानार में सर्व समाज द्वारा पारंपरिक विधि विधान के साथ सेवा अर्जी कर स्मृति दिवस मनाया जाएगा। समाज के संभागीय अध्यक्ष पप्पूराम नाग ने बताया कि मुख्य आयोजन 10 फरवरी को जगदलपुर में किया जाएगा। सर्वप्रथम गुंडाधूर की प्रतिमा में श्रद्धांजलि सभा बाद रैली निकालकर गोल बाजार स्थित इमली पेड़ के नीचे ढेबरीधूर की याद में पूजा अर्चना की जाएगी उसके बाद प्रियदर्शनी स्टेडियम में आम सभा आयोजित की गई है।


इस समारोह की मुख्य अतिथि राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके होंगी। यह आयोजन धुर्वा, कोया, गोंड, मुरिया, भतरा, हल्बा, माहरा, धाकड़, रावत, सुंडी, कलार, पनका, पनारा, मुंडा, बंजारा, कुम्हार, लोहार, परजा, सांवरा कंवर, गदबा तथा अन्य बस्तरिया समाज द्वारा संयुक्त रूप से मनाया जाएगा। प्रचार प्रसार की जवाबदारी छात्र संगठनों को दी गई है। बैठक में यह बात भी सामने आई कि आदिवासी लोक कला, संस्कृति उनकी पहचान है। इसे अक्षुण बनाए रखने के लिए भूमकाल क्रांति दिवस के सभी कार्यक्रमों में समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हों।

बैठक को सर्व समाज के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर, ध्रुवा समाज के जिला अध्यक्ष महादेव नाग, महिला प्रकोष्ठ की शारदा कश्यप, बलदेव मौर्य, जगदीश चंद्र मौर्य, समारू राम कौशिक, मंगलू राम कश्यप आदि ने संबोधित किया।