बस्तर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में 40 साल बाद पर्यटन शुरू, एक नवंबर से बाघ की दहाड़ सुन पाएंगे पर्यटक
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व लगभग चालीस वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पर्यटकों के लिए एक नवंबर से फिर खुलने जा रहा है। क्...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 11:59:30 AM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 12:03:52 PM (IST)
बस्तर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व की प्रतीकात्मक तस्वीर। - एआईHighLights
- 40 साल बाद फिर खुलेगा इंद्रावती टाइगर रिजर्व
- एक नवंबर से शुरू होगी रोमांचक जंगल सफारी
- स्थानीय युवाओं को मिलेंगे गाइड और रोजगार अवसर
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर स्थित बीजापुर जिले से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए ऐतिहासिक और सुखद खबर सामने आई है। चार दशकों तक अशांति और सुरक्षा कारणों से वीरान पड़ा विश्वप्रसिद्ध इंद्रावती टाइगर रिजर्व लगभग 40 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर सैलानियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।
इलाके से माओवाद के खात्मे और शांति बहाली के बाद वन विभाग ने इस अभयारण्य को आगामी 1 नवंबर 2026 से पर्यटकों के लिए आधिकारिक रूप से खोलने का निर्णय लिया है। यह पहल बस्तर को देश के प्रमुख वाइल्डलाइफ और ईको-टूरिज्म मैप पर दोबारा स्थापित करेगी।
चार दशकों का इंतजार खत्म, बस्तर में पर्यटन का नया दौर
इंद्रावती टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने जंगलों और बाघों के प्राकृतिक रहवास के लिए पहचाना जाता है। अस्सी के दशक में उपजी परिस्थितियों के कारण यहां पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई थी। अब शांति का माहौल बनने के बाद सरकार इस ऐतिहासिक वन क्षेत्र को दुनिया के सामने लाने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य सैलानियों को रोमांचक वन्यजीव दर्शन का अनुभव देने के साथ-साथ बस्तर की विशिष्ट जनजातीय जीवनशैली, कला और लोक संस्कृति से रूबरू कराना भी है।
एनटीसीए के तय नियमों पर तैयार हो रहे नए सफारी रूट्स
रिजर्व में सैलानियों के सुरक्षित और सुव्यवस्थित भ्रमण के लिए वन विभाग युद्ध स्तर पर तैयारियां कर रहा है। छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) अरुण पांडेय के अनुसार, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के 'टाइगर कंजर्वेशन प्लान' के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही पर्यटन क्षेत्रों और सफारी मार्गों की रूपरेखा तय की जा रही है। पर्यटकों को कोर और बफर जोन के चुनिंदा हिस्सों में भ्रमण कराने के लिए नई सफारी गाड़ियां खरीदी जा रही हैं तथा मार्गों की मरम्मत व सुरक्षा जांच का काम तेजी से जारी है।
स्थानीय आदिवासियों को मिलेंगे आजीविका के नए साधन
इंद्रावती टाइगर रिजर्व के पुनर्जीवित होने से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के व्यापक द्वार खुलेंगे। वन विभाग स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर नेचर गाइड और वाहन चालक के रूप में जोड़ेगा। पर्यटकों के आगमन से क्षेत्र में होमस्टे, स्थानीय खानपान, हस्तशिल्प और परिवहन से जुड़े कुटीर उद्योगों को नई गति मिलेगी।
वहन क्षमता का निर्धारण जल्द, ऐसे बनेगी यात्रा की योजना
वन्यजीवों के प्राकृतिक वातावरण में खलल न पड़े, इसके लिए पर्यटकों और वाहनों की दैनिक अधिकतम संख्या यानी 'वहन क्षमता' (कैरींग कैपेसिटी) का वैज्ञानिक आकलन किया जा रहा है। क्षमता निर्धारण के बाद विभाग द्वारा ऑनलाइन व ऑफलाइन बुकिंग विंडो, एंट्री गेट और गाइड शुल्क से संबंधित आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, जिससे सैलानी समय रहते अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।