
जगदलपुर। लोहंडीगुड़ा जनपद के ग्राम मिचनार निवासी आरोपी मुन्ना बेट्टी द्वारा अपने सगे छोटे भाई की कुल्हाड़ी मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। चार माह में ही हत्या प्रकरण में सुनवाई पहली दफा हुई है। अभियुक्त ने अपने भाई पर धान की फसल का रकम नहीं देने के चलते हत्या कर दी थी और पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया था।
अभियोजन कथा के अनुसार ग्राम गुमतुड़ीपारा मिचनार थाना लोहंडीगुड़ा निवासी आरोपी मुन्ना वेट्टी का छोटा भाई राजू वेट्टी बैंगलुरी में मजदूरी करता था। वहीं बड़ा भाई मड्डा वेट्टी गांव में रहकर उसके साथ खेती-किसानी करता था। राजू वेट्टी धान की फसल के सीजन में गांव आकर अपने हिस्से की फसल बेच देता था।
छह फरवरी 2017 को भी वह धान बेचने घर आया था। आरोपी मुन्ना ने यह कहकर एतराज जताया कि वह बाहर जाकर रकम भी कमाता है और अपने हिस्से की फसल भी नहीं छोड़ता है। इसी बात पर शाम करीब चार बजे दोनों भाईयों की कहासुनी हुई।
उत्तेजित होकर मुन्ना घर में रखा कुल्हाड़ी लाया और राजू के सिर व कान में कुल्हाड़ी से वार कर दिया, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वार इतना सांघातिक था कि कुल्हाड़ी मृतक के सिर व कान के मध्य फंस गई थी।
घटना को अंजाम देने के बाद वह गांव के कोटवार दाशरथी कश्यप के पास पहुंचा और उसे भाई का कत्ल कर देने की बात कही। इसके बाद वह कोटवार के साथ थाने पहुंचा और समर्पण कर दिया। पुलिस ने उसके बड़े भाई बड्डा वेट्टी की रिपोर्ट पर उसके विरूद्घ आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला पंजीबद्घ कर तीन माह बाद चालान अदालत में पेश किया था।
मामले की सुनवाई करते शनिवार को जिला व सत्र न्यायाधीश राम कुमार तिवारी ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए प्रमाण, साक्षियों के बयान और अभियुक्त की स्वीकारोक्ति के आधार पर उसे हत्या कारित करने का सिद्घदोष माना।
अदालत ने आरोपी को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। साथ ही पांच सौ रूपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुमार्ना नहीं पटाने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियुक्त के न्यायिक हिरासत अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया। मामले में लोक अभियोजक दिनेश पाणिग्राही ने पैरवी की। श्री पाणिग्राही ने प्रकरण में कहा कि हत्या के मामलों में अदालत का त्वरित निर्णय आना समाज में सकारात्मक संदेश का संवाहक है।