
अनिमेष पाल/जगदलपुर। Bijapur Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों के दूसरे सबसे ताकतवर संगठन पश्चिम बस्तर डिविजन के गंगालूर एरिया कमेटी की कंपनी नंबर दो की लेंड्रा-कोरचोली क्षेत्र में उपस्थिति की सटीक सूचना के बाद सुरक्षा बल ने बड़ा आपरेशन लांच कर नक्सलियों के लड़ाकू दस्ते की कंपनी नंबर दो के एक महिला सहित 13 नक्सली को ढेर कर दिया है। आधा दर्जन से अधिक नक्सली बुरी तरह से घायल बताए जा रहे हैं।
इस बड़े आपरेशन के लिए डेढ़ हजार से अधिक जवान पांच से अधिक सुरक्षा कैंप से एक साथ सोमवार की शाम निकले थे। मुतवेंडी, पालनार व गंगालूर, बासागुड़ा चेरपाल से सुरक्षा बल नाइट विज़न और अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर अभियान को पूरा करने जंगल के भीतर 15 से 20 किमी तक की दूरी तय की। पूरी रात चलने के बाद सुबह सूरज निकले के पहले करीब तीन बजे वे गंगालूर एरिया कमेटी के गढ़ में प्रवेश कर गए और लेंड्रा-कोरचोली की पहाड़ी की चढ़ाई कर नक्सलियों के कैंप में घुसकर इस आपरेशन को पूरा किया।
यहां बता दें कि सुरक्षा बल ने बीजापुर व सुकमा जिले में नक्सलियों के सबसे मजबूत गढ़ में पिछले तीन माह के भीतर 16 सुरक्षा कैंप स्थापित कर स्वयं को नक्सलियों के आधार क्षेत्र में मजबूत किया है। इसके बाद से नक्सली यह क्षेत्र छोड़कर और अंदर सुरक्षित ठिकानों की ओर चले गए थे। लेंड्रा-कोरचोली क्षेत्र में जहां मुठभेड़ हुई है, वहां इस समय सुरक्षा बल का कोई कैंप नहीं है।
जवान अंधेरे का फायदा उठाते हुए रात में ही नक्सलियों के मांद में प्रवेश कर गए और उनके घर में घुसकर सूरज निकलने के पहले ही नक्सली कैंप की चारों ओर से घेराबंदी कर सफल आपरेशन किया। विगत दशक में सुरक्षा बल को बस्तर में नक्सलियों के विरुद्ध मिली यह बड़ी सफलता है। इससे पहले 2018 में आंध्रप्रदेश के ग्रेहाउंड्स फोर्स ने बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में आठ नक्सलियों को व महाराष्ट्र की सी-60 बल ने 2021 में गढ़चिरोली में शीर्ष नक्सली नेता दीपक तेलमुड़े सहित 26 नक्सली को ढेर किया था।
नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी को देश में नक्सलियों के दूसरे सबसे ताकतवर संगठन के नाम से जाना जाता है। कंपनी नंबर दो का कमांडर वेल्ला है, जो कई बड़े अभियान में सक्रिय रहा है। इस क्षेत्र में नक्सलियों की लड़ाकू बटालियन की भी सक्रियता होने से यहां नक्सलियों का सूचना तंत्र भी मजबूत है, जिससे सुरक्षा बल की प्रत्येक गतिविधि की सूचना उन तक पहुंच जाती थी।
नक्सलियों के प्रभाव वाले क्षेत्र में सुरक्षा बल अब ताकतवर स्थिति में है। 27 मार्च को इसी क्षेत्र में छह नक्सलियों को सुरक्षा बल ने मुठभेड़ में मार गिराया था। पिछले तीन माह में इस क्षेत्र में सुरक्षा बल के 16 कैंप खोले गए हैं। पालनार, डुमरीपालनार, चिंतावागु, कावड़गांव, मुतवेंडी, गुंडेम, पुतकेल, छुटवाही व सीमावर्ती सुकमा जिले में मूलेर, परिया, सालातोंग, मुकराजकोंडा, दुलेड़, टेकुलगुड़ेम, पूवर्ती व लखापाल में कैंप स्थापित कर सूचना तंत्र को मजबूत कर ग्रामीणों का भरोसा भी जीता है।