
जगदलपुर। महिलाओं को व्यापार-व्यवसाय में आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन को खुशहाल बनाने में शासन की विभिन्ना स्वरोजगार मूलक योजनाएं प्राणवायु और संजीवनी का काम कर रही हैं। खासतौर पर निम्न और मध्यम वर्ग की महिलाओं को व्यापार-व्यवसाय में संबल बनाने में यह योजनाएं काफी मददगार साबित हो रही हैं। इसे चरितार्थ किया है, जिले के बस्तर विकासखंड के ग्राम घाटलोंहगा की आदिवासी युवती डेमेश्वरी पैकरा ने। वे कम्प्यूटर व्यवसाय क्षेत्र में एक सफल व्यवसायी बनकर व्यवसाय से जुड़े लोगों व स्वरोजगार के लिए इच्छुक हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं।
ज्ञात हो कि डेमेश्वरी ने कम्प्यूटर में डीसीए किया था पर अपनी खराब आर्थिक स्थिति के कारण कम्प्यूटर से जुड़े व्यापार में भाग्य अजमाने की सोच को मूर्त रूप नहीं दे पा रही थी, लेकिन उसमें अपने रुचि के अनुरूप व्यवसाय की इच्छा थी। उसने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत शासन से मिले आर्थिक सहयोग के बदौलत वे खुद का कंम्प्यूटर व्यवसाय शुरू किया। डेमेश्वरी ने बताया कि वे विशुद्ध रूप से सामान्य कृषक परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता खेती किसानी कर परिवार का भरण-पोषण किया करते थे। उनके पिता ने बहुत ही मुश्किल से मेरे अलावा दो और बड़ी बहनों की शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था की है।
डेमेश्वरी ने बताया कि उन्होंने खराब आर्थिक स्थिति का सामना करते हुए 12 वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद कम्प्यूटर में डीसीए की पढ़ाई पूरी की है। कम्प्यूटर के कोर्स को पूरा करने के बाद इस क्षेत्र में 'चि होने के कारण उसके मन में कम्प्यूटर से जुड़े कार्यों का व्यवसाय शुरू करने का विचार आया लेकिन घर की माली हालत खराब होने के कारण स्वयं के बूते पर उस समय व्यवसाय प्रारंभ करना बिल्कुल भी संभव नहीं था। इसी दौरान उसे जिला व्यापार और उद्योग केन्द्र के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन के कार्यक्रम के माध्यम से कम्प्यूटर से जुड़े व्यवसाय के लिए ऋण मिलने की जानकारी मिली। इस योजना के तहत आदिवासी महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए विशेष छूट का भी प्रावधान है।
55 हजार रुपये की हो रही आमदनी
डेमेश्वरी ने बताया कि इसके बाद उन्होंने जिला व्यापार और उद्योग केन्द्र के अधिकारियों के सहयोग से इस योजना से संबंधित सम्पूर्णं जानकारी एकत्र कर कम्प्यूटर के व्यवसाय के लिए ऋण प्रकरण तैयार कर बैंक प्रेषित करवाया। अधिकारियों ने उसके प्रकरण पर त्वरित कार्यवाही करते हुए व्यवसाय के लिए 2 लाख 19 हजार रूपए का ऋण स्वीकृत कर दिया। आज घाटलोंहगा में स्थापित अपने जेडी कम्प्यूटर में साइबर कैफे और प्रिंटिंग से संबंधित कार्यों के अलावा लोगों को बी-1 नक्शा-खसरा, आयुष्मान कार्ड आदि स्थानीय जरूरत के सभी सेवाओं को उपलब्ध करा रहीं हैं। इस तरह से डेमेश्वरी कम्प्यूटर से जुड़े व्यवसाय को प्रतिमाह लगभग 55 हजार रूपए की आमदनी प्राप्त कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हुए खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही हैं।