जगदलपुर (ब्यूरो)। नक्सलियों व्दारा बीजापुर जिला के गंगालूर क्षेत्र के ग्राम तोड़का में चार माह के सोमारू की हत्या ने संभाग मुख्यालय के लोगों को उद्वेलित कर दिया और हजारों लोग नक्सलियों के खिलाफ खड़े हो गए। मंगलवार को लोगों ने रैली निकाल नक्सलवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की। बच्चे की हत्या को मानवीयता के खिलाफ नक्सलवाद की क्रूरता ठहराया। सामाजिक एकता मंच व्दारा मंगलवार को नक्सलियों के खिलाफ धिक्कार रैली का आयोजन किया गया। रैली प्रारंभ होने के पूर्व हाता ग्राउण्ड में लोगों को संबोधित करते हुए नक्सली हिंसा में शहीद महेन्द्र कर्मा के पुत्र व नगर पालिका परिषद दंतेवाड़ा के अध्यक्ष दीपक कर्मा, सलवा जूडूम नेता चैतराम अट्टामी, सोयम मुक्का, नगर निगम के सभापति शेषनारायण तिवारी ने कहा कि चार साल के बच्चे की पीट-पीट कर हत्या से नक्सलियों की क्रूरता और असली चेहरा सामने आ गया है। बस्तर की जनता अब इनका जुल्म बर्दाश्त नहीं करेगी। बस्तर में जो भी आया यहीं का होकर रह गया और खुशहाली पाई लेकिन जब से बस्तर में नक्सली आए हैं लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। हिंसा और विस्फोटों के कारण बस्तर का विकास और समृध्दि रूक गई है। करीब ढाई बजे धिक्कार रैली प्रारंभ हुई। बच्चों से लेकर बड़ों के हाथ में नक्सलियों के खिलाफ लिखे नारों की तख्ती थी। यह रैली दंडामी माड़िया चौक से स्टेट बैंक चौक, मेन रोड, गोल बाजार होते हुए शहीद स्मारक पहुंची। रैली में शामिल लोगों ने शहीद स्मारक में महात्मा गांधी की प्रतिमा और वीर शहीदों के समारक में पुष्पाजंलि अर्पित की। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने धिक्कार रैली में शामिल लोगों को पानी पाउच और बिस्कुट भी वितरित किया। कार्यक्रम का संचालन और आभार संपत झा ने व्यक्त किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र नारायण दास बस्तर और कमललोचन कश्यप दंतेवाड़ा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

ट्रैफिक थम गया

सामाजिक एकता मंच व्दारा मंगलवार को आयोजित धिक्कार रैली के आगे जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य चल रहे थे। विभिन्न स्कूलों के हजारों बच्चे व विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग भी शामिल हुए। रैली इतनी लंबी थी कि शहर के विभिन्न चौराहों में घंटे भर ट्रैफिक थमा रहा। बच्चों व बड़ों ने शहीद स्मारक में महात्मा गांधी की प्रतिमा और वीर शहीदों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

आत्मविश्वास बढ़ा

पिछले कुछ महीनों में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस को जो सफलताएं हासिल हुई हैं, उससे लोगों का आत्मविश्वास बढ़ा है। संभाग मुख्यालय में हुई रैली में शामिल लोग भी इससे लबरेज नजर आए। रैली में शामिल होने स्कूली बच्चों व लोगों में ऐसा जुनून था कि निर्धारित 2.30 बजे से एक घंटा पहले ही हाता मैदान में सैकड़ों लोग पहुंच गए थे। यहां उल्लेखनीय है कि नक्सल मोर्चे पर पुलिस की कामयाबी के कारण ही अंदरूनी इलाकों में सड़कों के निर्माण में प्रशासन को आसानी जा रही है। बीते कुछ माह से ऐसी खबरों के प्रचारित होने के कारण भी विकास से वंचित लोग मुखर हो गए हैं। रैली में इससे संबंधित नारे भी खूब लगाए गए।

पुलिस का मनोबल बढ़ा

'मानवीयता के पक्षधर अबोध बच्चे की हत्या को बर्दाश्त नहीं कर सकते। धिक्कार रैली से स्पष्ट हो गया है कि हमें जन जागरण से नक्सलवाद को खत्म करना है। इस आंदोलन ने पुलिस का मनोबल बढ़ाया है।'

-एसआरपी कल्लूरी, आईजी बस्तर

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