
जगदलपुर। नाबालिग बालिका से शादी का प्रलोभन देकर अगवा करने के मामले में आरोपी राजेंद्र उर्फ राधे निवासी आजाद चौक को फार्स्ट ट्रेक कोर्ट ने बुधवार को अलग-अलग धाराओं के तहत नौ वर्ष का सश्रम कारावास व जुर्माना से दंडित किया है।
अभियोजन के मुताबिक 16 मई 2014 की रात्रि नौ बजे प्रार्थिया अपने परिजनों के साथ ईदगाह भाटा के समीप विवाह समारोह में शामिल होने गई थी। इसी दौरान आजाद चौक निवासी आरोपी राजेंद्र (22) पिता मनोहर चंदेल वहां पहुंचा। उसने बालिका को ब्याह का प्रलोभन देकर अपने साथ चलने कहा। रात में अचानक गायब हो जाने से चितिंत परिजनों ने उसकी आसपास पतासाजी की। इस दौरान एक ऑटो चालक ने बालिका के उसके साथ जाने की बात उसके परिजनों को दी। परिजनों के रिपोर्ट पर बोधघाट पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 363 व 366 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत जुर्म पंजीबद्ध किया था। पुलिस ने बालिका को आरोपी के मकान से बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया था। तब से आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में है। बुधवार को मामले की सुनवाई करते अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार जैन ने अपने विचारण में अभियोजन को सुनने के बाद साक्ष्य व प्रमाण के आधार अभियुक्त को सिद्धदोष पाया।
न्यायालय ने धारा 366 के तहत पांच साल का सश्रम कारावास व दो हजार अर्थदंड तथा धारा 363 के तहत चार साल का कारावास व एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर तीन माह की सजा अतिरिक्त भुगतनी पड़ेगी। मामले में शासन की ओर से लोक अभियोजक शकील अहमद ने पैरवी की।
---