
जगदलपुर (ब्यूरो)। नसबंदी के जिला हॉस्पिटल लाई गई बकावंड ब्लॉक के 100 से अधिक महिलाओं को बिना आपरेशन के बुधवार को लौटा दिया है। बिलासपुर प्रकरण के बाद सीएचएमओ ने एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। महिलाओं का आपरेशन अब नई तिथि पर होगी।
बिलासपुर में नसंबंदी के बाद कुछ महिलाओं की मौत की खबर के बाद मेकॉज में चल रही शिविर को बुधवार से एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले बकावंड ब्लॉक के 100 से अधिक महिलाओं को स्वास्थ्य कार्यकर्ता मेकॉज पहुंचा चुके थे और पंजीयन चल रहा है। सीएचएमओ दफ्तर से सुबह साढ़े दस बजे शिविर स्थगित की सूचना आने के बाद उन्हें वाहनों में गांव भेजा गया। बताया गया कि यह फैलसा बिलासपुर प्रकरण के बाद ऐहतियात बरतने लिया गया है। यहां बिलासपुर जैसी स्थिति नहीं है। हालांकि मंगलवार को मेकॉज में आपरेशन के बाद तीन महिलाओं की तबियत बिगड़ी थी, जिन्हें पेट में जलन और दर्द की शिकायत थी। पीड़ित महिलाओं को आपातकालीन वार्ड में रखकर उपचार किया गया और सुबह डिस्चार्ज कर दिया गया। उनकी हालत सामान्य बताई गई है।
वाहन किराया लिया मितानिन ने
बिना ऑपरेशन के लौटाई गई हितग्राही महिलाओं से बतौर वाहन किराया 100-100 रुपए वसूले जाने की बात बुधवार को सामने आई। बकावंड ब्लॉक के तारापुर, बजावंड, बनियागांव आदि के अनेक हितग्राहियों ने कहा कि संबंधित मितानिनों ने उनसे घर वापसी के लिए वाहन किराया मांगा है। हितग्राही सेवती पति किशोर के पिता कल्याण सिंह ने मीडिया को बताया कि उसकी बेटी को वापस गांव छोड़ने के लिए मितानिन पिपलाकरिन ने 100 रुपए लिए है। इतना ही नहीं मंगलवार को मेकॉज पहुंचाने के बाद हितग्राही व परिजनों को ना भोजन दिया गया और ना ही ठहरने के लिए उचित व्यवस्था थी। परिजन बाहर होटल में भोजन करने के बाद हॉस्पिटल परिसर में रात बिताया।
वाहन में क्षमता से अधिक सवारी
शिविर स्थगित करने के बाद हितग्राहियों को वापस गांव ले जाने के दौरान दुधमुंहे बच्चों के साथ पहुंची माता और परिजनों को वाहन में क्षमता से अधिक बिठाया गया। विभाग के 20 सीटर मिनी बस में 50 से अधिक हितग्राहियों को बिठाया गया। मिनी बस और मेटाडोर में अनेक हितग्राही मासूसों को गोद में लिए खड़े-खड़े गांव लौटे। जबकि शासन के निर्देशानुसार माल वाहक में सवारियां नहीं बिताई जाती।
336 नसबंदी हुए शिविर में
शिविर स्थगित किए जाने के तुरंत बाद सीएचएमओ डॉ. देवेंद्र नाग ने अपने दफ्तर में पत्रकारों को बताया कि जिला स्तरीय शिविर में जगदलपुर, नानगुर व बकावंड क्षेत्र के 336 महिलाओं को सफल नसबंदी ऑपरेशन मंगलवार तक हुआ। मंगलवार को आपरेशन के बाद दो महिलाओं की तकलीफ की शिकायत पर आपातकालीन कक्ष में निगरानी में रखा गया था। सुबह स्वस्थ होने पर चेकअप के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। बिलासपुर प्रकरण के बाद ऐहतियातन एक सप्ताह के लिए शिविर को स्थगित किया जा रहा है। उन्होंने ऑपरेशन और उसके बाद पूरी सुरक्षा और ऐहतियात बरतने की बात कही। डॉ. नाग ने बताया कि जिले में सर्जन नहीं होने से टाटा के सहयोग से जमशेदपुर के सर्जन डॉ. आरए बंसारा, डॉ. बी. मजुमदार और डॉ. रुपम सोरे की टीम आपरेशन के लिए आमंत्रित करना बताया है। पत्रकारों से चर्चा के दौरान डॉ. सी मैत्रीय, डॉ. पीएल मेरिया और डीपीएम एनआरएचएम निशा मौर्य मौजूद थे।
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