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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Naxalism In CG: सीधी लड़ाई में मात खा रहे नक्सली, आसान टारगेट पर साध रहे निशाना

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अंतिम अंतिम सांसे ले रहा है। इस साल की बात करें, तो सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 226 नक्सली मारे जाने की बात खुद नक्सली संगठ...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Mon, 09 Dec 2024 03:03:50 PM (IST)Updated Date: Mon, 09 Dec 2024 03:03:50 PM (IST)
Naxalism In CG: सीधी लड़ाई में मात खा रहे नक्सली, आसान टारगेट पर साध रहे निशाना
ग्रामीणों को निशाना बनाकर उनकी हत्या कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं। फोटो- प्रतीकात्मक।

HighLights

  1. गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के पहले ताकत दिखाना चाहते हैं नक्सली।
  2. ग्रामीणों को अगवा कर उनकी हत्या के जरिये फैलाना चाहते हैं दहशत।
  3. इस साल नक्सलियों ने 63 ग्रामीणों की हत्या की, 17 जवान हुए शहीद।

अनिमेष पाल, जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से पहले बस्तर में नक्सलियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। नक्सलियों ने तीन दिनों के भीतर चौथे ग्रामीण की हत्या की है। शनिवार को ग्रामीण महिला सुकरा यालम की हत्या की गई है।

इस वर्ष सुरक्षा बल से सीधी लड़ाई में लगातार मात खाने के बाद नक्सली बड़ी लड़ाई लड़ने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में वो स्माल एक्शन टीम को सक्रिय कर ग्रामीणों को निशाना बनाकर उनकी हत्या कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं।


नक्सलियों ने बदली अपनी रणनीति

पुलिस के अनुसार, नक्सलियों की स्माल एक्शन टीम के चार से पांच सदस्य शनिवार को मद्देड़ थाना क्षेत्र के लोदेड़ गांव पहुंचे थे। वहां उन्होंने रामैया यालम और उसकी पत्नी सुकरा का अपहरण किया और गांव से लगभग तीन किमी दूर ले गए।

रामैया यालम को डंडो से पीट कर छोड़ दिया और उसकी पत्नी सुकरा की गला घोंटकर हत्या कर दी। इससे पहले गुरुवार की रात नक्सलियों ने भैरमगढ़ के बिरियाभूमि के पूर्व संरपच और भाजपा नेता सुक्खु फरसा, नैमेड़ के कडेर निवासी पूर्व सरपंच सुखराम अवलम की हत्या कर दी थी। गत शुक्रवार को तिम्मापुर की आंगनबाड़ी सहायिका लक्ष्मी पदम की उसके बेटे के सामने ही गला घोंटकर हत्या कर दी थी।

इस साल नक्सलियों को बड़ा नुकसान

इस वर्ष अब तक नक्सलियों ने 63 ग्रामीणों की हत्या की है और 17 जवान शहीद हुए हैं। मगर, सुरक्षा बलों ने नक्सलियों को बड़ी चोट पहुंचाई है। नक्सलियों ने स्वीकारा है कि इस वर्ष हुए मुठभेड़ों में 226 नक्सली मारे जाने से उनके संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचा हैं।

बस्तर पुलिस ने भी 97 मुठभेड़ में 25 लाख रुपये के पांच इनामी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) सदस्य सहित आठ करोड़ 84 लाख रुपये के इनामी 207 नक्सलियों के शव मिलने का दावा किया है।

अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रहे नक्सली

इधर, नक्सलियों के सबसे मजबूत गढ़ में सुरक्षा बल ने झिड़पल्ली-1 और झिड़पल्ली-2 में सप्ताह भरत के भीतर नए सुरक्षा कैंप बनाए हैं। नक्सली इन कैंपों पर पिछले तीन दिन से लगातार गोलीबारी कर रहे हैं। रविवार की सुबह भी नक्सलियों ने कैंप पर गोलीबारी की है।

यह क्षेत्र डीकेएसजेडसी के साथ ही तेलंगाना स्टेट कमेटी के बड़े नक्सलियों के छिपने की जगह है। जगरगुंडा एरिया कमेटी, पामेड़ एरिया कमेटी और दक्षिण बस्तर सब जोनल ब्यूरो का यह गढ़ है। इसलिए किसी भी हालत में नक्सली अपना यह गढ़ छोड़ना नहीं चाह रहे हैं।

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शीघ्र करेंगे नक्सलियों का समूल उन्मूलन

बस्तर में केंद्रीय गृहमंत्री के बस्तरिया ओलिंपिक के समापन समारोह में शामिल होने की तैयारी की जा रही है। इसको लेकर बस्तर पहुंचे गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर में ग्रामीणों की हत्याओं को लेकर कहा है कि नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है।

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वर्ष 2026 तक नक्सलवाद के सफाये का मूलमंत्र दिया था। इसी संकल्प को पूरा करने का लक्ष्य लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार काम कर रही है। नक्सलियों के गढ़ में सुरक्षा बल मजबूत स्थिति में है। नक्सली हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और देश-प्रदेश के विकास में सहभागिता निभाएं।