
जगदलपुर। चालू मानसून सीजन में बस्तर संभाग के उत्तर-मध्य क्षेत्र में अपेक्षा से कम बारिश के कारण सिंचाई जलाशयों में जलभराव की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। संभाग के सात जिलों का 80 फीसद क्षेत्र जल संसाधन विभाग के इंद्रावती परियोजना मंडल में आता है। इसके अंतर्गत तीन मध्यम श्रेणी के जलाशय हैं। इनमें कांकेर जिला स्थित परलकोट और मयाना जलाशय आषाढ़ बीतने के बाद भी प्यासे हैं। इन दोनों में इनकी जलभराव क्षमता का दस फीसद पानी भी नहीं भर पाया है।
संभाग के सबसे बड़े मध्यम श्रेणी के सिंचाई जलाशय कोसारटेडा की स्थिति थोड़ी संतोषजनक है। इसमें 30 जुलाई की स्थिति में करीब 32 फीसद जलभराव हो चुका था। इंद्रावती परियोजना मंडल के अधीक्षण यंत्री शेख साकिर का कहना है कि इस साल अभी तक उम्मीद के अनुरूप बारिश नहीं होने के कारण जलाशयों में जलभराव कम हो पाया है। आगे चलकर यदि मानसून सीजन के बचे हुए दिनों में अच्छी बारिश होती है तो जलाशयों में जलभराव की स्थिति में सुधार आ जाएगा।
ज्ञात हो कि संभाग के उत्तर-मध्य क्षेत्र में आने वाले बस्तर, नारायणपुर, कोंडगांव, कांकेर जिले में औसतन 500 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। संभाग में औसत सालाना बारिश का आंकड़ा 1400 से 1500 मिलीमीटर तक रहता है। इस लिहाज से अभी तक औसत 33 फीसद बारिश ही हुई है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी कम बारिश और जलाशयों में जलभराव की चिंताजनक स्थिति से परेशान हैं। जलाशयों में यदि जलभराव पर्याप्त नहीं हो पाया तो रबी सीजन में फसल की सिंचाई के लिए पानी की कमी हो सकती है।
ज्ञात हो कि 30 जुलाई की स्थिति में साल 2019 और 2020 के मुकाबले में इन जलाशयों में इस साल पांच से दस फीसद तक कम जलभराव हुआ है। उल्लेखनीय है कि इंद्रावती परियोजना मंडल में परलकोट, मयाना और कोसारटेडा तीन मध्यम सिंचाई परियोजना (जलाशय) के अलावा 190 लघु जलाशय हैं। इन लघु जलाशयों में आधे की स्थिति जर्जर है। इनमें कुछ बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के नक्सली क्षेत्रों में हैं जहां जलाशय किस स्थिति में हैं यह देखने तक विभाग के इंजीनियर सालों से नहीं जा पाए हैं। इंद्रावती परियोजना मंडल के क्षेत्र अंतर्गत सिंचित रकबा करीब 14 फीसद है। जो पूरे प्रदेश में सबसे कम है।
मध्यम सिंचाई जलाशयों में जलभराव की स्थिति
01- कोसारटेडा जलाशय ग्राम सालेमेटा बस्तर विकासखंड
- जलभराव क्षमता (एफआरएल)- 63.69 मिलियन क्यूबिक मीटर
- जलभराव हो पाया है- 20.241 मिलियन क्यूबिक मीटर (32.06 फीसद)
02- परलकोट जलाशय पखांजूर जिला कांकेर
- जलभराव क्षमता (एफआरएल)- 63.55 मिलियन क्यूबिक मीटर
-जलभराव हो पाया है- 3.404 मिलियन क्यूबिक मीटर (5.040 फीसद)
03- मयाना जलाशय चरामा जिला कांकेर
-जलभराव क्षमता (एफआरएल)- 5.609 मिलियन क्यूबिक मीटर
-जलभराव हो पाया है- 0.505 मिलियन क्यूबिक मीटर (09 फीसद)