
जगदलपुर। नाबालिग किशोरियों को अनैतिक देह व्यापार से बचाने तथा जिस्मफरोशी पर अंकुश लगाने के ध्येय से दो साल पूर्व राज्य सरकार ने जगदलपुर समेत प्रदेश के 11 नगर निकायों में पीटा एक्ट लागू किया था। दो साल में बोधघाट पुलिस ने महज एक प्रकरण कायम किया है जबकि शहर में महानगरों से कालगर्ल बुलवाई जा रही हैं। वहीं हाईटेक तरीकों से यह अनैतिक व्यापार फल-फूल रहा है। दो साल में एक केस दर्ज करना ही इस धंधे में पुलिस की संलिप्तता दर्शाती है।
बता दें कि पूर्व में राज्य के दुर्ग एवं रायपुर को छोड़कर अन्य स्थानों में पीटा एक्ट लागू नहीं था। फलस्वरूप पुलिस ऐसे मामलों के सामने आने पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करती थी जिसमें कॉलगर्ल ग्राहक को आसानी से जमानत मिल जाया करता था। बदलते वक्त के साथ सरकार ने पीटा एक्ट का विस्तार जगदलपुर समेत राज्य के रायगढ़, जांजगीर, चांपा, मुंगेली, बलौदाबाजार, तोरवा, सरकंडा, बिलासपुर, सूरजपूर, कोरिया, धमतरी व महासमुंद में इस एक्ट को लागू करने मंजूरी दी थी।
इसके लिए सीएसपी अथवा डीएसपी को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी बनाया गया था। शहर में लंबे समय से जिस्मफरोशी का कारोबार चल रहा है। इस कानून के लागू होने के बावजूद इसमें कमी आना तो दूर बल्कि हाइटेक तौर-तरीकों से यह कारोबार चलाया जा रहा है।
इसके पीछे एक सिंडीकेट काम कर रहा है। दो साल के भीतर केवल एक प्रकरण बोधघाट थाने में दर्ज किया गया है। सूत्रों की मानें तो शहर के आधा दर्जन महिला दलाल इस काले धंधे में संलिप्त हैं। यह महिला दलाल लक्जरी कारों में घूमती हैं और रिहायसी कालोनियों में ठाठ से रह रही हैं।
महानगरों से बुलवाई जा रही कालगर्ल
महिला दलालों के द्वारा ग्राहकों की मांग पर स्थानीय युवतियों के अलावा कोलकाता, मुम्बई, जैपुर,नागपुर आदि शहरों से भी युवतियों को बुलवाया जा रहा है। कालगर्ल को इसके एवज में मोटी राशि समेत राजधानी से फलाइट का खर्च भी दिया जाता है।
बताया जाता है कि प्रतिदिन का जार्च अधिकतम पांच हजार रूपए तक लिया जाता है। धंधा चलाने के लिए भी व्हाटसऐप व नेट का इस्तेमाल हो रहा है। युवतियों की तस्वीरें व प्रोफाइल ग्राहक को सेलफोन के जरिए दिखाई जाती है और मोबाइल से ही बुकिंग भी हो जाती है।
शहरी युवतियों के अलावा कुछ स्थानीय 18 से 22 वर्षीया युवतियां भी इस अनैतिक कारोबार की हिस्सा हैं। कुछ महिलाएं रकम का लोभ देकर ग्रामीण युवतियों को भी बरगलाकर इस धंधे में ढकेल रही हैं।
छह माह की है सजा
पीटा एक्ट (प्रीवेंशन ऑफ इम्मोरल ट्रेफैकिंग एक्ट) के तहत किसी सार्वजनिक अथवा अन्य स्थल में जिस्मफरोशी का कृत्य अवैधानिक है। इसके लिए युवती को छह माह की सजा व जुर्मार्ने की सजा हो सकती है। साथ ही कॉलगर्ल के नाबालिग होने पर ग्राहक को अधिकतम सात साल की सजा का प्रावधान है। एक से अधिक बार पकड़ाने पर जुर्माने की राशि व सजा की अवधि भी बढाई जा सकती है।
किराए के मकानों पर नजर नहीं
शहर व आसपास बड़ी संख्या में किराए के मकानों का व्यवसाय फल-फूल रहा है। शहर से लगे क्षेत्रों में बाहरी इलाकों से आई युवतियां रहती हैं। इनकी गतिविधियां भी संदिग्ध हैं। कुछ ऐसी युवतियों के इस प्रकार के धंधे में लिप्त होने की जानकारी मिल रही है। पुलिस ने दो तीन साल पहले शहर के मकान मालिकों को नोटिस जारी कर किराएदारों का ब्योरा देने का निर्देश दिया था।
साथ ही मकान मालिक व किराएदार का फोटो, फोन नम्बर, पूरा पता आदि ब्योरा निर्धारित फार्मेट में अनिवार्य रूप से संबंधित थाने में जमा करने कहा गया था। कुछ दिनों तक तो पुलिस ने ब्योरा जुटाया पर इसे अपडेट नहीं किया जा सका। नक्सल मामलों में संवेदन इलाके में बाहरी लोगों की जानकारी पुलिस को नहीं होना खतरे की घंटी का सूचक भी हो सकता है।
थाना प्रभारियों को उनके क्षेत्रों मे अनैतिक देह व्यापार समेत अन्य अपराधों पर नियमानुसार कार्रवाई करने कहा गया है। पीटा एक्ट के दायरे में हो रहे अपराध की सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - हिमसागर सिदार, सीएसपी जगदलपुर