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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आरकेएम पावर जेन पर 89 लाख 40 हजार का जुर्माना

जांजगीर-चांपा (नईदुनिया न्यूज)। पंचायतों से बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र लिए जगह - जगह फ्लाईएस डंप किये जाने के मामले में मेसर्स आरकेएम पावर जेन प्राइवेट ...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Fri, 07 Jan 2022 01:49:40 AM (IST)Updated Date: Fri, 07 Jan 2022 01:49:40 AM (IST)
आरकेएम पावर जेन पर 89 लाख 40 हजार का जुर्माना

जांजगीर-चांपा (नईदुनिया न्यूज)। पंचायतों से बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र लिए जगह - जगह फ्लाईएस डंप किये जाने के मामले में मेसर्स आरकेएम पावर जेन प्राइवेट लिमिटेड ग्राम उच्चपिंडा के संचालक को पर्यावरण संरक्षण मंडल ने 89 लाख 40 हजार का जुर्माना लगाया है और 15 दिन के भीतर राशि जमा नहीं किये जाने पर बिजली काटने व उत्पादन बंद किये जाने की कार्रवाई की जाएगी।

डभरा तहसील के ग्राम उच्चपिंडा में संचालित मेसर्स आरकेएम पावर जेन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मालखरौदा ब्लाक के रनपोटा, कटारी, पोता, सुलौनी, सुकली पाली, चंदेलाडीह, सारसकेला और चरौदी में बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के 3 अगस्त से 21 दिसंबर के बीच राखड़ जगह - जगह डंप किया गया था , वहीं क्षेत्र में सड़क किनारे भी अव्यवस्थित तरीके से राखड़ डंप किया गया था। इसकी शिकायत पंचायत व ग्रामीणों द्वारा पर्यावरण विभाग सहित अन्य अधिकारियों से की गई थी। इस मामले की जांच पटवारियों के माध्यम से कराई गई। पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों द्वारा भी मौके पर जाकर जांच की गई। निरीक्षण में यह पाया गया कि फ्लाईएस डंपिंग स्थान पर फ्लाई एस का अपवहन, फ्लाईएस अधिसूचना 1999 के प्रावधानों के अनुसार नहीं पाया गया। साथ ही बारिश की वजह से फ्लाईएस जगह-जगह फैला था। इस पर कार्रवाई करते हुए क्षेत्रिय अधिकारी छग पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मेसर्स आरकेएम पावर जेन प्राइवेट लिमिटेड के आक्यूपायर को राष्ट्रीय हरित अधिकरण प्रिंसिपल बेंच नईदिल्ली द्वारा पारित आदेश 16 जनवरी 2019 और 30 अप्रैल 2019 तथा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दिल्ली द्वारा जारी मार्गदर्शिका के अनुसार उक्त उद्योग पर 89 लाख 40 हजार रूपए पर्यावर्णीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित किया गया है। यह राशि 15 दिन के भीतर डिमांड ड्राप्ट के माध्यम से जमा करने को कहा गया है। निर्धारित तिथि तक राशि जमा नहीं करने पर उक्त उद्योग के विरूद्घ जल प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम 1974 वायु प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत बिजली काटने और उत्पादन बंद किये जाने की कार्रवाई की जाएगी। ज्ञात हो कि विभिन्न पंचायत के सरपंच व ग्रामीणों ने एसडीएम रेना जमील से भी शिकायत की थी। उन्होंने भी तहसीलदार को जांच के निर्देश दिए थे। जांच के बाद पर्यावरण संरक्षण मंडल को प्रतिवेदन भेजा गया था। उक्त प्लांट द्वारा डभरा ब्लाक के भी कई गांवों में राखड़ डंप मनमाने ढंग से किया गया है। उल्लेखनीय है कि विभिन्न उद्योगों के द्वाारा इन दिनों फ्लाईएस को मनमाने ढंग से डंप किया जा रहा है। हाल ही में गोठान में राखड़ डंप किए जाने पर महुदा के शांति जीडी इस्पात एवं पावर प्राइवेट लिमिटेड को भी 27 लाख 90 हजार का जुर्माना लगाया था।