कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के दीपक रात्रे की मौत, एक साल पहले रोजी-रोटी की तलाश में परिवार संग गया था जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार देर शाम हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के बुंदेली गांव निवासी 21 वर्षीय दीपक रात्रे की मौत हो गई।
Publish Date: Sat, 01 Aug 2026 11:29:52 AM (IST)Updated Date: Sat, 01 Aug 2026 11:32:04 AM (IST)
HighLights
- केलम क्षेत्र स्थित एक ईंट भट्ठे में शुक्रवार देर शाम आतंकी पहुंचे
- पुलिस टीम मृतक के स्वजनों के घर पहुंची और घटना की सूचना दी
- जम्मू-कश्मीर से पार्थिव शरीर को लाने की तैयारी में जुटा प्रशासन
नईदुनिया प्रतिनिधि, जांजगीर-चांपा। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार देर शाम हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के बुंदेली गांव निवासी 21 वर्षीय दीपक रात्रे की मौत हो गई। आतंकियों ने ईंट भट्ठे में काम कर रहे मजदूरों से पहले उनकी पहचान और नाम पूछा, इसके बाद उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
गोली लगने से दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बुंदेली सहित हरदीडीह गांव में शोक की लहर दौड़ गई और स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
केलम क्षेत्र स्थित एक ईंट भट्ठे में शुक्रवार देर शाम आतंकी पहुंचे
जानकारी के अनुसार, कुलगाम जिले के केलम क्षेत्र स्थित एक ईंट भट्ठे में शुक्रवार देर शाम कुछ आतंकी पहुंचे और अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बुंदेली निवासी दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई।
दीपक रात्रे बचपन से ही अपने मामा के घर जैजैपुर क्षेत्र के हरदीडीह गांव में रहकर पढ़ाई-लिखाई कर रहा था। उसकी शादी भी मामा के घर से ही हुई थी। करीब एक वर्ष पहले वह अपनी पत्नी और भाई के साथ रोजी-रोटी की तलाश में जम्मू-कश्मीर गया था, जहां वह ईंट भट्ठे में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।
गांव में मातम का माहौल
घटना की जानकारी देर रात सक्ती प्रशासन को मिली। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम मृतक के स्वजनों के घर पहुंची और उन्हें घटना की सूचना दी। यह दुखद समाचार मिलते ही परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पूरे गांव में मातम का माहौल है और ग्रामीण भी गहरे सदमे में हैं।
पार्थिव शरीर को लाने की तैयारी में प्रशासन
जिला प्रशासन मृतक के पार्थिव शरीर को जम्मू-कश्मीर से सक्ती लाने के लिए शासन स्तर पर आवश्यक समन्वय कर रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हरसंभव आर्थिक एवं प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।