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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

14 साल बाद किसानों को मिला जमीन का मुआवजा

किसानों ने भाजपा के वरिष्ठ नेता जय शुक्ला एवं शशांक दुबे को धन्यवाद दिया। कुछ किसानों का प्रकरण त्रुटि सुधार के लिए लंबित है। एवं कुछ का लोक निर्माण व...और पढ़ें

By Manoj Kumar TiwariEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 23 Aug 2024 11:18:40 AM (IST)Updated Date: Fri, 23 Aug 2024 11:18:40 AM (IST)
14 साल बाद किसानों को मिला जमीन का मुआवजा
किसानों को चेक वितरण करते शशांक दुबे, फोटो नईदुनिया

HighLights

  1. भाजपा नेता जय शुक्ला को प्रयास करने के लिए दिया धन्यवाद
  2. नेता ने किसानों को यथाशीघ्र मुआवजा दिए जाने की मांग की थी
  3. किसानों को 14 वर्षों बाद मुआवजा राशि का भुगतान किया गया

नईदुनिया न्यूज,जैजैपुर। वर्ष 2010 में मुक्ता सेमरिया के मध्य सोन नदी पर निर्मित पूल एवं एनिकट निर्माण में प्रभावित किसानों को मुआवजा भाजपा के वरिष्ठ नेता जय शुक्ला की पहल से मिला। मुआवजा राशि का चेक आशा किरण स्वयंसेवी संस्था के अध्यक्ष शशांक दुबे ने गांव जाकर किसानों को वितरित किया।

मुआवजा प्राप्त करने के बाद किसानों ने कहा कि वे उम्मीद छोड़ चुके थे। हमारी अधिगृहित भूमि के बदले मुआवजा का भुगतान होगा या नहीं परंतु साल भर पूर्व भाजपा के वरिष्ठ नेता जय शुक्ला ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया और तत्कालीन कलेक्टर एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर किसानों को यथाशीघ्र मुआवजा दिए जाने की मांग की थी।


दुबे ने निस्वार्थ भाव से लगातार विभागीय अधिकारियों से एवं राजस्व अधिकारियों से अपना संपर्क बनाए रखा एवं किसानों को शीघ्र मुआवजा दिए जाने चर्चा करते रहे। अधूरे दस्तावेजों को पूर्ण कराने कार्यालय में चक्कर लगाते रहे। अंतत: राजस्व अधिकारी एवं लोक निर्माण सेतु विभाग के अधिकारियों के सहयोग से कार्य पूर्ण हुआ और किसानों को 14 वर्षों बाद मुआवजा राशि का भुगतान किया गया ।