नईदुनिया न्यूज, जांजगीर चांपा। बीमा होने के बाद भी एगान लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने ग्राहक की मृत्यु हाने पर भी उसके स्वजन को बीमा की राशि देने से इंकार कर दिया। मामले में सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने शिकायतकर्ता को बीमा की पूरी राशि 50 लाख, मानसिक क्षतिपूर्ति पांच हजार और वाद व्यय की राशि दो हजार रूपये सहित देने का आदेश एगान लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को दिया है।
शिकायतकर्ता दर्राभाटा जिला सक्ती निवासी कार्तिक दास महंत पिता मुंडा दास की बेटी धनेश्वरी ने एगान लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से 10 जनवरी 2021 को एक वर्ष के लिए ग्रुप टर्म इंश्योरेंस प्लान लिया था जिसमें कार्तिकदास नामिनी था।
बीमा अवधि में शिकायतकर्ता कार्तिकदास की बेटी धनेश्वरी की 29 मार्च 2021 को मौत हो गई। जिसके बाद कार्तिकदास ने अपनी पुत्री की बीमा राशि 50 लाख रुपये की मांग एगान लाईफ इंश्योरेंस कंपनी से की परंतु कंपनी ने बीमा राशि इस आधार पर देने से इंकार कर दिया कि बीमित व्यक्ति ने अपने प्रस्ताव फार्म में अपनी पूर्व बीमारी को छिपाया था तथा दावा शीघ्र मृत्यु दावा के अंतर्गत आता है।
इस पर कार्तिकदास ने जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के समक्ष परिवाद पेश कर अपनी मृत पुत्री की बीमा दावा राशि इंश्योरेंस कंपनी से दिलाए जाने मांग की। जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू , सदस्य विशाल तिवारी, सदस्य महिमा सिंह ने पेश दस्तावेजों, किए गए तर्कों का सू अध्ययन कर यह पाया कि बिमीत व्यक्ति ने अपनी बीमारी के संबंध में कोई गलत जानकारी नहीं दी थी तथा बीमा की शर्त में यह कहीं भी नहीं है कि यदि बीमित व्यक्ति की मृत्यु बीमा करने के एक वर्ष के अंदर हो जाती है तो बीमा का लाभ नहीं दिया जाएगा।