फोटो : 04जानपी 5-कार्यक्रम में उपस्थित लोग
प्रेमचंद की 138वीं जयंती पर कार्यक्रम
चांपा।नईदुनिया न्यूज। प्रेमचंद भारतीय ग्रामीण जीवन के कुशल चितेरे हैं, उन्होंने मानवता को दृढ़ करने के उद्देश्य से हिंदी साहित्य का निर्माण किया। प्रेमचंद की कहानियां और उपन्यास आज भी उन्हें उपन्यास सम्राट बनाए हुए है। उनकी विचारधारा और प्रासंगिकता आज भी बरकरार है।
ये बातें अक्षर साहित्य परिषद एवं महादेवी महिला साहित्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रेमचंद की 138 वीं जयंती पर मुख्य अतिथि श्रीमती निर्मला देवी अग्रवाल ने कही। विशिष्ट अतिथि एवं महादेवी महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती सुशीला सोनी ने कहा प्रेमचंद हिंदी के अप्रतिम कथा शिल्पी हैं। उन्होंने साहित्य और जीवन में संबंध स्थापित किया। उनकी रचनाओं में राष्ट्रीयता के स्वर आज भी गूंजते हैं। अक्षर साहित्य परिषद के अध्यक्ष रामनारायण प्रधान ने कहा कि प्रेमचंद एक क्रांतिकारी रचनाकार थे। उन्होंने न केवल देश भक्ति बल्कि समाज में व्याप्त अनेक कुरीतियों को देखा और कहानी के माध्यम से उसे लोगों के सामने रखा। परिषद के संरक्षक कैलाश चंद्र अग्रवाल एवं डॉ हरिहर प्रसाद सराफ ने भी प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में पावस काव्य गोष्ठी में रामनारायण प्रधान, श्रीमती सत्यभामा साव, महेश राठौर, मलय सिद्घार्थ भार्गव, कामेश्वर प्रसाद डिगस्कर, बीएल महिलांगे, आशा सोनी एवं रमाकांत सोनी रचनाएं पढ़ी। द्वितीय सत्र का संचालन महेश राठौर ने किया। आभार प्रदर्शन महावीर प्रसाद सोनी ने किया। कार्यक्रम में श्रीमती मीरा मिहिर पत्की, श्रीमती शशि सरिता सोनी, शर्मिष्ठा कंसारी, राम गोपाल गौरहा, ताराचंद देवांगन, नंद कुमार देवांगन, जन्मेजय साहू, यज्ञ नारायण सोनी, पुरुषोत्तम देवांगन, शशिभूषण सोनी, जीवन यादव, अनंत थवाईत, अखिलेश कोमल पांडे, जोगेन्दर देवांगन, द्वारिका प्रसाद तिवारी, शरद कुमार स्वर्णकार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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