जांजगीर डीईओ कार्यालय में बड़ा फर्जीवाड़ा, टीसी पर फर्जी हस्ताक्षर करने वाले दो कर्मचारी निलंबित
छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) के काउंटर साइन को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। पुणे से आए एक छात्र के टीसी पर डीईओ के हस्ताक्षर और सील का फर्जी इस्तेमाल करने का आरोप कार्यालय के ही दो कर्मचारियों पर लगा है।
Publish Date: Mon, 24 Aug 2026 10:45:43 PM (IST)Updated Date: Mon, 24 Aug 2026 10:45:43 PM (IST)
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जांजगीरHighLights
- जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जांजगीर का मामला।
- स्थानांतरण प्रमाण पत्र पर डीईओ के फर्जी हस्ताक्षर।
- फर्जी हस्ताक्षर और सील का इस्तेमाल करने पर थमाए नोटिस।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जांजगीर : जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जांजगीर में स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) के काउंटर साइन को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्यालय पहुंचे एक छात्र के टीसी पर जिला शिक्षा अधिकारी के स्थान पर कार्यालय के ही एक कर्मचारी ने कथित तौर पर हस्ताक्षर कर दिए और दस्तावेज पर डीईओ की सील-ठप्पा लगाकर उसे प्रमाणित कर दिया। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के पुणे से टीसी लेकर जिले में पढ़ाई के लिए आए एक छात्र और उसके अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। छात्र के टीसी पर काउंटर साइन कराने के दौरान वहां पदस्थ एक कर्मचारी ने कथित रूप से स्वयं हस्ताक्षर कर डीईओ की सील लगा दी। बाद में दस्तावेज की जांच के दौरान संबंधित टीसी पर पूर्व जिले के डीईओ के हस्ताक्षर भी नहीं होने की बात सामने आई।
मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा के संज्ञान में आने के बाद कार्यालय स्तर पर जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच के आधार पर भृत्य देवनाथ जगत और वरिष्ठ लेखा परीक्षक भुवन लाल सिदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। विभागीय अधिकारियों द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए दस्तावेजों और कार्यालयीन प्रक्रिया की जांच की जा रही है।
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विभागीय स्तर पर यह भी देखा जा रहा है कि टीसी के काउंटर साइन की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन हुआ था या नहीं। साथ ही कथित रूप से हस्ताक्षर और सील का इस्तेमाल किस परिस्थिति में किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मामले ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली और दस्तावेजों के सत्यापन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व में दो बार हो चुके हैं निलंबित बताया जा रहा है कि भृत्य देवनाथ जगत और वरिष्ठ लेखा परीक्षक भुवन लाल सिदार दोनों अकलतरा से स्थानांतरित होकर डीईओ कार्यालय में आए हैं।
पूर्व में भी कार्य में लापरवाही मिलने पर दोनों को दो दो बार कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था मगर संतोष जनक जवाब नहीं मिलने पर दोनों बार निलंबित किया गया था।