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नगर पालिका जांजगीर-नैला में वेतन संकट, दो सौ कर्मचारियों का तीन माह से भुगतान अटका

नगर पालिका जांजगीर-नैला में वित्तीय कुप्रबंधन और कमजोर राजस्व वसूली के कारण गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

By komal ShuklaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 10 Jul 2026 03:48:34 PM (IST)Updated Date: Fri, 10 Jul 2026 03:48:34 PM (IST)
नगर पालिका जांजगीर-नैला में वेतन संकट, दो सौ कर्मचारियों का तीन माह से भुगतान अटका
नगर पालिका जांजगीर नैला

HighLights

  1. जांजगीर-नैला पालिका के कर्मचारियों का ३ माह का वेतन लंबित
  2. शीघ्र भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
  3. हर माह 34 लाख का वेतन भुगतान, बजट गायब

नईदुनिया न्यूज, जांजगीर। नगर पालिका जांजगीर-नैला की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती नजर आ रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि पालिका के 200 से अधिक नियमित, प्लेसमेंट कर्मचारियों और स्वच्छता कमांडो को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों का पिछले तीन माह का वेतन लंबित है, जबकि स्वच्छता कमांडो को भी दो माह से भुगतान नहीं हुआ है। वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, बैंक ऋण की किस्त और रोजमर्रा के खर्चों का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों में इसको लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।

नगर पालिका जांजगीर-नैला में वर्तमान में 55 नियमित कर्मचारी, 96 प्लेसमेंट कर्मचारी, 18 स्वच्छता कमांडो सहित 200 से अधिक कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। नियमित एवं प्लेसमेंट कर्मचारियों का अप्रैल, मई और जून माह का वेतन अब तक जारी नहीं किया गया है, जबकि स्वच्छता कमांडो को मई और जून का भुगतान नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि वे प्रतिदिन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। इससे आर्थिक तंगी के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ता जा रहा है।


हर माह 34 लाख का होता है भुगतान

जानकारी के अनुसार नगर पालिका के पास फिलहाल कर्मचारियों का वेतन देने के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं है। नियमित कर्मचारियों के वेतन पर हर माह लगभग 24 लाख रुपये तथा प्लेसमेंट कर्मचारियों के वेतन पर करीब 11 लाख रुपये खर्च होते हैं। पालिका के पास संपत्ति कर, जलकर, बाजार शुल्क और अन्य मदों से आय के पर्याप्त स्रोत हैं, लेकिन राजस्व वसूली में अपेक्षित गति नहीं होने के कारण आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। इसका सीधा असर कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर पड़ रहा है।

शीघ्र भुगतान नहीं तो करेंगे आंदोलन

गौरतलब है कि यह समस्या पहली बार सामने नहीं आई है। इससे पहले भी कर्मचारियों का तीन-तीन माह का वेतन लंबित हो गया था। उस समय कर्मचारियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी से भुगतान की मांग की थी, जिसके बाद किसी तरह बकाया राशि जारी की गई थी। अब एक बार फिर वही स्थिति बनने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर हो सकते हैं।